Bharat Express DD Free Dish

खेलते-खेलते मौत के गड्ढे में उतरे मासूम! सीहोर में तीन बच्चों की डूबने से गई जान, इलाके में पसरा मातम

Sehore News: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में दो सगे भाइयों समेत तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, बच्चे खेलते-खेलते बारिश के पानी से भरे एक गड्ढे में उतर गए थे और गहराई अधिक होने के कारण बाहर नहीं निकल सके.

Sehore water pit drowning

सीहोर में तीन बच्चों की डूबने से गई जान

Sehore News: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में दो सगे भाइयों समेत तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई. पुलिस के अनुसार, बच्चे खेलते-खेलते बारिश के पानी से भरे एक गड्ढे में उतर गए थे और गहराई अधिक होने के कारण बाहर नहीं निकल सके.

यह घटना दोपहर करीब 1 बजे सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में मोगरा रोड के पास हुई. बताया जा रहा है कि बच्चे वहां खेलने गए थे. इसी दौरान वे नहाने के लिए पानी से गड्ढे में उतर गए, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण डूब गए.

मृतकों की पहचान 12 वर्षीय प्रशांत, उसके 10 वर्षीय भाई पृथ्वीराज और 11 वर्षीय दिक्षांत के रूप में हुई है. प्रशांत और पृथ्वीराज सुभल बागरी के बेटे थे, जबकि दिक्षांत अखिलेश बागरी का पुत्र था. तीनों इछावर के वार्ड नंबर 12 के निवासी थे.

घटना का पता तब चला जब स्थानीय लोगों ने पानी में बच्चों के शव तैरते हुए देखे और इसकी सूचना पुलिस को दी.

बारिश की वजह से गड्ढे में भरा था पानी

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) प्रशांत चौबे ने बताया कि बच्चों के परिजनों ने पुलिस को डूबने की सूचना दी थी.

उन्होंने कहा,

पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां अलग-अलग उम्र के तीन बच्चे मिले. मोगरा रोड पर मौजूद गड्ढा बारिश के पानी से भरा हुआ था. पानी की अधिक गहराई के कारण बच्चे खुद को संभाल नहीं सके और हादसे में तीनों की मौत हो गई.

पुलिस टीम ने शवों को बाहर निकलवाकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है.

एएसपी चौबे ने बताया कि पुलिस इस घटना की सभी पहलुओं से जांच कर रही है. इसमें गड्ढे की स्थिति और किसी प्रकार की लापरवाही की संभावना की भी जांच की जाएगी.

लापरवाही की होगी जांच

उन्होंने कहा कि हम विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच करेंगे. यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो उस एंगल से भी कार्रवाई की जाएगी.

ये भी पढ़ें- कारोबार से तख्त तक का सफर, आखिर क्यों खास है 1757 में कोलकाता की टकसाल से जारी हुआ वह पहला रुपया?

इस घटना के बाद मानसून के दौरान खुले और पानी से भरे निर्माणाधीन गड्ढों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं, खासकर उन इलाकों में जहां बच्चे खेलने के लिए पहुंच जाते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read