तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले प्रदेश में गठबंधन के समीकरणों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है. इस बीच प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन रविवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलेंगे.
नागेंद्रन का दिल्ली दौरा एआईएडीएमके के अंदर एक अहम डेवलपमेंट के ठीक बाद हुआ है. अपनी हालिया जनरल काउंसिल मीटिंग में, पार्टी ने एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें जनरल सेक्रेटरी और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) को भविष्य के चुनावों के लिए गठबंधन सहयोगियों पर आखिरी फैसला लेने का अधिकार दिया गया.
प्रस्ताव पास होने के तुरंत बाद, नागेंद्रन चेन्नई में पलानीस्वामी के घर पर उनसे मिले, जिससे भाजपा और एआईएडीएमके के बीच नए सिरे से तालमेल की अटकलें तेज हो गईं. चेन्नई मीटिंग के बाद, नागेंद्रन फ्लाइट से देश की राजधानी दिल्ली गए. इससे पहले, तमिलनाडु में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उनका दिल्ली दौरा एक ऐतिहासिक तमिल शासक पेरुम्बिदुगु मुथारैयार के सम्मान में एक स्मारक डाक टिकट जारी करने के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए था. हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बातचीत के बाद इस दौरे का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया.
नागेंद्रन ने सीतारमण से की मुलाकात
शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, नागेंद्रन ने कहा कि वह सीतारमण से एक ‘तीर्थयात्रा दौरे’ के दौरान मिले और तमिलनाडु में अपने हालिया जनसंपर्क कार्यक्रमों के दौरान जनता से मिली कई याचिकाएं और ज्ञापन सौंपे. हालांकि बातचीत की कोई आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की गई, लेकिन इस मीटिंग को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के साथ व्यापक बातचीत के हिस्से के रूप में देखा जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि नागेंद्रन अमित शाह से मिल सकते हैं, इस डेवलपमेंट पर राजनीतिक गलियारों में करीब से नजर रखी जा रही है.
सत्ता और रणनीति के बीच संतुलन
तमिलनाडु में भाजपा-एआईएडीएमके गठबंधन पिछले कुछ सालों में सहयोग और तनाव के कई दौर से गुजरा है. हालांकि दोनों पार्टियों ने 2021 के विधानसभा चुनावों और 2024 के लोकसभा चुनावों में एक साथ चुनाव लड़ा, लेकिन नेतृत्व, सीट-शेयरिंग और क्षेत्रीय राजनीतिक मुद्दों पर समय-समय पर मतभेद सामने आते रहे हैं. एआईएडीएमके का पलानीस्वामी को गठबंधन पर स्वतंत्र रूप से फैसला लेने का अधिकार देना, पार्टी के अंदर अधिकार को मजबूत करने और मजबूत स्थिति से बातचीत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
भाजपा के लिए, जो तमिलनाडु में लगातार अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है, एआईएडीएमके के साथ एक कामकाजी रिश्ता बनाए रखना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है. इसलिए, नागेंद्रन के लगातार मुलाकातों, पहले चेन्नई में पलानीस्वामी के साथ और अब दिल्ली में सीनियर केंद्रीय मंत्रियों के साथ, को एक अहम पल के तौर पर देखा जा रहा है, जो 2026 के विधानसभा चुनाव करीब आने के साथ ही गठबंधन की भविष्य की दिशा के बारे में शुरुआती संकेत दे सकता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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