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76वें गणतंत्र दिवस पर जनजातीय लाभार्थियों को मिला मुख्य अतिथि बनने का सम्मान

जनजातीय कार्य मंत्रालय ने 76वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभर से आए 550 से अधिक जनजातीय लाभार्थियों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया.

76th republic day

76वां गणतंत्र दिवस

76वें गणतंत्र दिवस 2025 के उपलक्ष्य में जनजातीय कार्य मंत्रालय (MoTA) ने देशभर से आए 550 से अधिक जनजातीय लाभार्थियों को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया. इस अवसर पर चाणक्यपुरी स्थित विश्व युवा केंद्र में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जनजातीय सांस्कृतिक धरोहर और योगदान को प्रदर्शित किया गया. कार्यक्रम में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, जैसे कि संयुक्त सचिव और NSTFDS के अध्यक्ष-प्रबंध निदेशक टी. रूमुआन पैटे, निदेशक दीपाली मसीरकर, उप सचिव अंजलि आनंद और अवर सचिव पी. हाओकिप उपस्थित रहे.

जनजातीय समुदायों का सम्मान

हर साल जनजातीय कार्य मंत्रालय गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों, पुरस्कृत व्यक्तियों और जनजातीय समाज के प्रतिनिधियों को राज्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करता है. इस वर्ष विशेष अतिथियों में प्रधानमंत्री जनजाति न्याय महा अभियान (PM JANMAN), प्रधानमंत्री वन धन योजना (PMVDY), और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त और विकास निगम (NSTFDC) के लाभार्थी शामिल थे.

जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल ओराम ने इस अवसर पर कहा, “गणतंत्र दिवस समारोह में जनजातीय लाभार्थियों को शामिल करना हमारी विविध सांस्कृतिक धरोहर और जनजातीय समुदायों के महत्वपूर्ण योगदान को सम्मान देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. PM JANMAN और PMVDY जैसी प्रमुख योजनाओं के माध्यम से मंत्रालय जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनमें उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है. 76वें गणतंत्र दिवस की थीम ‘स्वर्णिम भारत – विरासत और विकास’ इस विरासत को मनाने और समावेशी विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दोहराने का एक आदर्श अवसर है.”

जनजातीय अतिथियों के लिए विशेष अनुभव

जनजातीय कार्य मंत्रालय के सचिव श्री विभु नायर ने कहा, “इन विशेष अवसरों पर देश के 31 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आए जनजातीय समुदायों को गणतंत्र दिवस समारोह का हिस्सा बनने और देश के शीर्ष गणमान्य व्यक्तियों से मिलने का अनूठा अवसर मिलता है. यह अनुभव न केवल राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देता है बल्कि जनजातीय समुदायों को भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़ने का मंच भी प्रदान करता है. ऐसी पहलें जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को उजागर करती हैं.”

‘स्वर्णिम भारत – विरासत और विकास’ थीम पर जोर

76वें गणतंत्र दिवस की थीम ‘स्वर्णिम भारत – विरासत और विकास’ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और प्रगति का उत्सव है. इस थीम के माध्यम से जनजातीय समुदायों के योगदान को उजागर किया गया, जो भारतीय पहचान का एक अभिन्न हिस्सा हैं.

यह पहल आधुनिक विकास और सांस्कृतिक संरक्षण के बीच एक संतुलन स्थापित करती है और जनजातीय समुदायों के समावेशी विकास को प्रोत्साहित करती है. इस साल का गणतंत्र दिवस समारोह भारत की विविध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय संस्कृति की जीवंतता और पूरे देश में जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है.

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-भारत एक्सप्रेस



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