झारखंड में फ्लाईओवर निर्माण को लेकर आदिवासी संगठनों का सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ता जा रहा है. सिरम टोली फ्लाईओवर के रैंप को लेकर नाराज तीन दर्जन से अधिक संगठनों ने शनिवार को रांची बंद का आह्वान किया. इस बंद के दौरान शहर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया.
बंद समर्थक सुबह से ही सड़कों पर उतर आए, कई जगह आगजनी कर विरोध जताया और महत्वपूर्ण मार्गों को जाम कर दिया. बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद कराने के प्रयास किए गए. प्रदर्शनकारियों के गुस्से से साफ था कि वे सरकार की नीतियों से बेहद नाराज हैं.
सरकार पर संस्कृति नष्ट करने का आरोप
आदिवासी संगठनों का आरोप है कि सरकार उनके सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक स्थलों को नजरअंदाज कर रही है. वे फ्लाईओवर के निर्माण को अपनी पहचान और अस्तित्व के लिए खतरा मानते हैं. विरोध को देखते हुए सत्ताधारी कांग्रेस के नेताओं ने भी समाधान निकालने की आवश्यकता जताई. विधायक दल ने कहा कि सरकार में होने के कारण विरोध झेलना पड़ता है, लेकिन मुख्यमंत्री ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है.
राजनीतिक समर्थन और व्यापक प्रभाव
बंद को कई राजनीतिक दलों का समर्थन भी मिला, जिसमें बीजेपी, आजसू और अन्य छोटी पार्टियां शामिल थीं. कुछ आदिवासी मूलवासी विधायक भी इस बंद के समर्थन में उतर आए और सरकार से आदिवासियों की मांगों को मानने का आग्रह किया.
बंद के कारण रांची के बॉर्डर इलाकों को भी सील कर दिया गया, जिससे आने-जाने वाले लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. अब देखना यह होगा कि सरकार इस विरोध का समाधान निकाल पाती है या नहीं.
-भारत एक्सप्रेस
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