आधुनिक तमिल साहित्य के जनक और महान स्वतंत्रता सेनानी महाकवि सुब्रमण्य भारती (Mahakavi Subramania Bharati) की पुण्यतिथि पर आज पूरा देश उन्हें नमन कर रहा है. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर हिंदी और तमिल दोनों भाषाओं में संदेश साझा कर महाकवि को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है. गृह मंत्री ने कहा कि उनकी राष्ट्रवादी कविताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन में देश के लिए एक नया जोश भर दिया था.
‘राष्ट्रवादी कविताओं से स्वतंत्रता आंदोलन में फूंकी नई जान’
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पोस्ट में लिखा कि आधुनिक तमिल साहित्य के जनक सुब्रमण्य भारती जी ने अपनी राष्ट्रवादी कविताओं के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में देशभक्ति का नया जोश भर दिया. उन्होंने अपने प्रकाशमान दृष्टिकोण से भारत को लैंगिक समानता, आध्यात्मिक ज्ञान और सामाजिक न्याय का मार्ग भी दिखाया. उनका ज्ञान प्रगति के शिखर की ओर हमारे मार्ग को निरंतर प्रकाशित करता रहेगा.” इसके साथ ही, गृह मंत्री ने तमिल भाषा में भी ट्वीट कर उनकी दूरदृष्टि और समाज सुधार के कार्यों की सराहना की.
कौन थे महाकवि सुब्रमण्य भारती?
- 11 दिसंबर 1882 को तमिलनाडु में जन्मे सुब्रमण्य भारती न केवल एक महान कवि थे, बल्कि वे एक निडर स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और विचारक भी थे.
- उनकी रचनाओं ने हमेशा महिलाओं के अधिकारों, जाति प्रथा के खिलाफ और राष्ट्रीय एकता के पक्ष में एक मजबूत आवाज उठाई.
- उनकी प्रसिद्ध रचनाएं जैसे ‘पंचाली सपथम’ और ‘कन्नन पाट्टू’ आज भी साहित्य जगत और युवाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत हैं.
- 11 सितंबर 1921 को उनका निधन हो गया था, लेकिन उनके विचार आज भी अमर हैं.
आज देश भर में साहित्यिक संगठनों, तमिल समुदाय और राजनीतिक दिग्गजों द्वारा महाकवि सुब्रमण्य भारती को याद किया जा रहा है. गृह मंत्री अमित शाह का यह संदेश युवा पीढ़ी को उनके अदम्य साहस, साहित्य और राष्ट्रसेवा के आदर्शों से परिचित कराने का एक बड़ा माध्यम बन रहा है, जो भारत को प्रगति के उच्च शिखर तक ले जाने में हमेशा सहायक सिद्ध होगा.
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