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“चाट कर बताओ ये पेशाब नहीं है,” लखनऊ में दलित व्यक्ति से ज़मीन पर गिरा पानी चटवाया, आरोपी गिरफ्तार

शिकायत में रामपाल रावत ने कहा कि कल शाम, मैं लखनऊ के काकोरी इलाके में शीतला माता मंदिर में पानी पी रहा था, तभी स्वामी कांत ने मुझ पर पेशाब करने का आरोप लगाया. मैंने कहा कि मैंने पेशाब नहीं किया है और वहां पानी गिर गया है.

दिवाली के दिन लखनऊ के बाहरी इलाके में एक मंदिर के पास एक बुज़ुर्ग दलित व्यक्ति को पेशाब करने के आरोप में ज़मीन पर गिरे पानी को चाटने के लिए मजबूर किया गया. मामले में 62 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. 60 वर्षीय दलित व्यक्ति रामपाल रावत के पोते ने दावा किया है कि उसके दादा को सांस लेने में तकलीफ़ है और खांसते हुए गलती से पेशाब हो गया था.

पुलिस के अनुसार, घटना सोमवार (20 अक्टूबर) शाम लगभग 7 बजे हुई. आरोपी ने दावा किया है कि दलित व्यक्ति को बस ज़मीन छूने के लिए मजबूर किया गया था. इस घटना के बाद राजनीतिक घमासान छिड़ गया और विपक्षी दलों ने भाजपा पर निशाना साधा.

क्या है पूरा मामला?

शिकायत में रामपाल रावत ने कहा, “कल शाम, मैं लखनऊ के काकोरी इलाके में शीतला माता मंदिर में पानी पी रहा था, तभी स्वामी कांत ने मुझ पर पेशाब करने का आरोप लगाया. मैंने कहा कि मैंने पेशाब नहीं किया है और वहां पानी गिर गया है. लेकिन वह (पम्मू) नहीं माना और मुझे जातिवादी गालियां दीं.” शिकायतकर्ता ने मंगलवार को पुलिस को बताया, “उसने मुझे धमकाया और मुझे उसे चाटने पर मजबूर किया.”

संपर्क करने पर रामपाल रावत के पोते मुकेश कुमार ने मीडिया को बताया, “मेरे दादाजी को सांस लेने में तकलीफ़ है. अगर उन्होंने बताई गई दवाइयां नहीं लीं, तो शायद उनकी जान नहीं बच पाएगी. कल शाम उन्हें खांसी आने लगी और गलती से पेशाब हो गया. इसके बाद पम्मू वहां आया और मेरे दादाजी को जातिसूचक शब्द कहने लगा.”

रामपाल ने डर से घबराकर ज़मीन चाट लिया

मुकेश कुमार ने कहा कि उनके दादाजी डर गए और जब उन्हें चाटने के लिए कहा गया, तो उन्होंने उसे चाट लिया. इसके बाद आरोपियों ने रामपाल से उस जगह को धोने के लिए कहा. मुकेश ने कहा कि मेरे दादाजी ने रात में हुई घटना के बारे में किसी को नहीं बताया. उन्होंने आज घटना के बारे में बताया. इसके बाद हमने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पोते ने यह भी बताया कि मुख्य मंदिर उस जगह से कम से कम 40 मीटर की दूरी पर था जहां उनके दादा ने गलती से पेशाब कर दिया था.

जब पूछा गया कि क्या दलित व्यक्ति को सचमुच पेशाब चाटने के लिए मजबूर किया गया था, तो एक पुलिस सूत्र ने पीटीआई को बताया, “यह जांच का विषय है. सूत्र ने कहा, “पीड़ित कह रहा है कि उसे ज़मीन चाटने के लिए मजबूर किया गया था, जबकि आरोपी कह रहा था कि उसे ज़मीन चाटने के लिए नहीं, बल्कि छूने के लिए मजबूर किया गया था. आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे गिरफ्तार कर लिया गया है.”


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-भारत एक्सप्रेस



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