सर्जियो गोर @भारत एक्सप्रेस
Sergio Gor On Jammu and Kashmir: भारत के रुख पर अंतरराष्ट्रीय मंच से अब तक की सबसे बड़ी मुहर लगाते हुए अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने श्रीनगर पहुंचकर एक ऐतिहासिक बयान दिया है. अपने पहले जम्मू-कश्मीर दौरे पर पहुंचे अमेरिकी दूत ने साफ शब्दों में कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का एक बेहद अहम हिस्सा है. डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले सर्जियो गोर का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान सीमा पार से लगातार नापाक साजिशों में जुटा रहता है. श्रीनगर के बाद वो लद्दाख जाने वाले हैं ऐसे में माना जा रहा है कि अब चीन की चिंता बढ़ने वाली है.
उमर अब्दुल्ला से सहयोग पर चर्चा (Sergio Gor Omar Abdullah meeting)
अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद किसी अमेरिकी दूत का यह पहला स्वतंत्र श्रीनगर दौरा है. सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) से मुलाकात की. 15 वर्षों में यह पहला मौका था जब किसी सेवारत अमेरिकी राजदूत ने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री से औपचारिक बातचीत की. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए गोर ने बताया कि इस बैठक में कश्मीर के विकास, प्राथमिकताओं और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को गहरा करने पर सार्थक चर्चा हुई.
लेवल-4 ट्रैवल एडवाइजरी की होगी समीक्षा (Sergio Gor Said J&Kashmir Important Part Of India)
अमेरिकी राजदूत ने कश्मीर के पर्यटन उद्योग को लेकर सबसे बड़ी राहत भरी खबर दी है. वर्तमान में अमेरिका ने आतंकवाद और अशांति के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर (लेह-लद्दाख को छोड़कर) के लिए ‘लेवल-4 डू नॉट ट्रैवल’ (Do Not Travel) की सख्त एडवाइजरी जारी कर रखी है. पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस एडवाइजरी को हटाने की अपील की थी ताकि घाटी के हजारों परिवारों की रोजी-रोटी सुरक्षित हो सके.
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इस पर सर्जियो गोर ने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि हम इस बात पर पुनर्विचार करेंगे कि क्या इस ट्रैवल वार्निंग को डाउनग्रेड (कम) किया जा सकता है. सुरक्षा बनाए रखने के लिए यहां शानदार कदम उठाए गए हैं और अमेरिकी पर्यटक यहां आकर कश्मीर की खूबसूरती और अवसरों को देखना जरूर पसंद करेंगे.
अगला पड़ाव लद्दाख, चीन की भी बढ़ीं धड़कनें (Sergio Gor Visit Ladakh)
श्रीनगर में अपने कार्यक्रमों के बाद अमेरिकी राजदूत गुरुवार को लद्दाख के दौरे पर रवाना होंगे. 2020 में गलवान घाटी की हिंसक झड़प और चीन के साथ चले सैन्य गतिरोध के बाद किसी शीर्ष अमेरिकी दूत का यह पहला लद्दाख दौरा होगा. भारत और अमेरिका की गहरी होती रणनीतिक साझेदारी और आतंकवाद के खिलाफ गृह मंत्री अमित शाह के साथ हालिया वार्ताओं की पृष्ठभूमि में सर्जियो गोर का यह कश्मीर-लद्दाख दौरा वैश्विक कूटनीति के लिहाज से मील का पत्थर साबित हो रहा है.
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