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उत्तराखंड: सेना ने रेस्क्यू किए 14 और श्रमिक…..अब भी 8 बाकि, CM Dhami ने कहा- पीएम मोदी ने दिया हर संभव मदद देने का आश्वासन

माणा के निकट हुए हिमस्खलन के कारण BRO के फंसे श्रमिकों के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है. भारतीय सेना ने 14 और श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया गया है. स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिए.

Uttarakhand Chamoli Avalanche: उत्तराखंड के चमोली में एवलांच (हिमस्खलन) को आए 24 घंटे से ज्यादा हो गए. अभी भी 8 मजदूर फंसे हुए हैं. अब तक 47 मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया गया है. बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) प्रोजेक्ट में कुल 57 लोग काम कर रहे थे, जिसमें से दो लोग छुट्टी पर थे. ये सभी एवलांच की चपेट में आ गए. हालांकि 47 लोगों को निकाल लिया गया है लेकिन 7 अभी भी फंसे हुए हैं

माणा के निकट हुए हिमस्खलन के कारण BRO के फंसे श्रमिकों के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है. भारतीय सेना ने 14 और श्रमिकों को रेस्क्यू कर लिया गया है. स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार शाम को आपदा नियंत्रण कक्ष का दौरा किया और अधिकारियों को बचाव कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में राहत और बचाव कार्यों की जानकारी भी दी. साथ ही पीएम मोदी द्वारा राज्य को हर संभव मदद दिए जाने के आश्वासन के बारे में भी बताया.

एक अन्य पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बात कर जनपद चमोली के माणा में फंसे श्रमिकों को सुरक्षित निकालने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली. साथ ही उन्होंने प्रदेश में हो रही बारिश और हिमपात की स्थिति पर भी विस्तृत जानकारी ली. इस दौरान प्रधानमंत्री जी ने केंद्र सरकार की ओर से किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हर संभव सहायता प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया.”

प्रार्थना कर रहे हैं कि सभी लोग सुरक्षित बाहर आएं

माणा में चल रहे एवलांच रेस्क्यू ऑपरेशन में जोशीमठ बेस कैंप से हेली रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है. अब तक दो निजी हेलीकॉप्टरों को बद्रीनाथ धाम की ओर भेजा गया है. सड़क मार्ग पर लामबगड़ से आगे भारी हिमपात की सूचना मिलने के बाद हेली रेस्क्यू ऑपरेशन पर पूरा ध्यान केंद्रित किया गया है. राज्य सरकार ने फंसे हुए मजदूरों के परिवारों के लिए एक हेल्पलाइन भी शुरू की है, जो विभिन्न राज्यों से आए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा, “हम बस यही प्रार्थना कर रहे हैं कि सभी लोग सुरक्षित बाहर आ जाएं.”

बता दें कि आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में कई चुनौतियां आ रही हैं. पहले खबर आई थी कि 57 मजदूर फंसे हैं, लेकिन बाद में पता चला कि उनमें से दो मजदूर छुट्टी पर थे, इस प्रकार कुल 55 मजदूर हिमस्खलन की चपेट में आए थे.

उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, ये मजदूर बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों के रहने वाले हैं, हालांकि 10 मजदूरों के गृह राज्य की जानकारी अब तक उपलब्ध नहीं हो पाई है.


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-भारत एक्सप्रेस



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