Uttarakhand Rain Update: देहरादून/आशीष: उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य के कई हाईवे और ग्रामीण सड़कों समेत कुल 107 रास्ते बंद हो गए हैं, जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन युद्धस्तर पर जुटा है.
उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण 9 स्टेट हाईवे और 1 BRO रोड समेत कुल 107 सड़कें बंद हैं. यमुनोत्री हाईवे को खोल दिया गया है लेकिन वहां अभी भी मलबा गिर रहा है. पीडब्ल्यूडी सचिव पंकज कुमार पांडे ने अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट पर रहने और किसी भी सड़क को 24 घंटे से ज्यादा बंद न रखने के सख्त निर्देश दिए हैं. संवेदनशील इलाकों में जेसीबी मशीनें तैनात हैं.
9 स्टेट हाईवे और एक बीआरओ रोड बंद (Roads blocked in Uttarakhand)
उत्तराखंड में पिछले 24 घंटे से हो रही लगातार बारिश के चलते राज्य की रफ्तार थम सी गई है. जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से राज्य की कई मुख्य और ग्रामीण सड़कें बाधित हो गई हैं. आपदा प्रबंधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय राज्य में 9 स्टेट हाईवे और एक बीआरओ (BRO) रोड पूरी तरह बंद है. इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD) की 30 सड़कें और पीएमजीएसवाई (PMGSY) की 69 सड़कें मलबे की चपेट में आने से बाधित हैं. राज्य में कुल मिलाकर 107 सड़कें बंद चल रही हैं, जिन्हें साफ करने का काम लगातार जारी है.
राहत की बात यह है कि स्यानाचट्टी के पास बाधित हुआ यमुनोत्री हाईवे फिलहाल यातायात के लिए खोल दिया गया है. हालांकि, वहां अभी भी पहाड़ों से लगातार मलबा गिर रहा है, जिससे यात्रा में जोखिम बना हुआ है. प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है.
सड़कों को तत्काल प्रभाव से खोलने का निर्देश (Yamunotri Highway status)
सड़कों की स्थिति को देखते हुए पीडब्ल्यूडी (PWD) सचिव पंकज कुमार पांडे ने सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी बाधित सड़कों को तत्काल प्रभाव से खोला जाए. सचिव ने स्पष्ट किया है कि कोई भी सड़क 24 घंटे से ज्यादा बंद नहीं रहनी चाहिए. अगर कोई सड़क 24 घंटे से अधिक समय तक बंद रहती है, तो संबंधित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर को इसकी विस्तृत रिपोर्ट सीधे पीडब्ल्यूडी सचिव को सौंपनी होगी, ताकि समस्या का जल्द से जल्द समाधान किया जा सके.
पंकज कुमार पांडे ने आगे बताया कि,
पिछले साल जिन संवेदनशील स्थानों पर लैंडस्लाइड (भूस्खलन) हुआ था, वहां इस बार पहले से ही जेसीबी मशीनें तैनात कर दी गई हैं. इसके साथ ही सभी अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आपातकालीन स्थिति में सड़कों को तुरंत सुचारू किया जा सके.
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-भारत एक्सप्रेस
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