नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) द्वारा आयोजित “विकसित भारत समर आर्ट वर्कशॉप” के चौथे दिन NDMC के उपाध्यक्ष श्री कुलजीत सिंह चहल ने सरोजिनी नगर स्थित नवयुग स्कूल का दौरा किया. यह वर्कशॉप न सिर्फ रचनात्मकता को बढ़ावा दे रही है बल्कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विजन को भी साकार करने का माध्यम बन रही है.
श्री चहल ने छात्रों और कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, “यह वर्कशॉप रंग, रचनात्मकता और संस्कृति को जीवंत कर रही है. मैं सभी कलाकारों और विद्यार्थियों से आह्वान करता हूं कि वे अपने हुनर के माध्यम से विकसित भारत के सपने को साकार करने में योगदान दें.”
पद्मश्री कलाकारों के अनुभवों से छात्र हो रहे लाभान्वित
इस दौरान उन्होंने पद्मश्री सम्मानित कलाकारों और वरिष्ठ चित्रकारों से मुलाकात की और उनके कार्यों के पीछे की कलात्मक दृष्टि को समझा. उन्होंने बताया कि वर्कशॉप के समापन के बाद इन अनमोल कलाकृतियों को नवयुग स्कूल, सरोजिनी नगर परिसर में बनने वाली नई आर्ट गैलरी में प्रदर्शित किया जाएगा. यह पहल न सिर्फ कलाकारों के लिए सम्मान का प्रतीक होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगी.
श्री चहल ने बताया कि देशभर से आए नामचीन कलाकार NDMC स्कूलों के छात्रों को भारत के विविध कला रूपों से परिचित करा रहे हैं, जिससे उनकी सांस्कृतिक समझ और रचनात्मक सोच को विस्तार मिल रहा है.
उन्होंने यह भी बताया कि पद्मश्री कलाकारों द्वारा ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ पर आधारित कई चित्र बनाए गए हैं. उन्होंने कहा, “आज का भारत न केवल विकसित भारत की दिशा में बढ़ रहा है, बल्कि साहसी और सशक्त राष्ट्र के रूप में भी उभर रहा है. ऑपरेशन सिन्दूर की सफलता इसी साहस का प्रतीक है और यह उन लोगों के लिए स्पष्ट संदेश है जो भारत की संप्रभुता को चुनौती देते हैं.”
ऑपरेशन सिन्दूर’ पर आधारित चित्रों में झलकता है भारत का साहस
वर्कशॉप में भाग लेने वाले प्रमुख कलाकारों में पद्मश्री भज्जू श्याम (मध्य प्रदेश), अद्वैत गडनायक (ओडिशा), बिमान बी दास (नई दिल्ली), जय प्रकाश (राजस्थान) और वरिष्ठ चित्रकार सुरेंद्र जागताप, अनिल नाइक (महाराष्ट्र), वीरेन तंवर, प्रणाम सिंह (उत्तर प्रदेश), दत्तात्रेय आप्टे, नरेंद्र पाल सिंह, कंचन चंदर (नई दिल्ली), कल्याण जोशी, जगन्नाथ पांडा (हरियाणा), मनीष गोंड (हिमाचल प्रदेश) शामिल हैं.
वर्कशॉप के समापन के बाद NDMC द्वारा एक भव्य कला प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें इन उत्कृष्ट कलाकृतियों को आम जनता और कला प्रेमियों के लिए प्रदर्शित किया जाएगा. यह प्रदर्शनी विकसित भारत @2047 की रचनात्मक अभिव्यक्ति को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी.
साथ ही वर्कशॉप 25 मई 2025 तक चलेगी. श्री चहल ने नागरिकों, विद्यार्थियों और कला प्रेमियों से आग्रह किया कि वे वर्कशॉप स्थल पर आएं, पद्मश्री कलाकारों से संवाद करें और भारतीय कला की गहराई को नजदीक से अनुभव करें.
-भारत एक्सप्रेस
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