विक्रांत मैसी, जो अपनी फिल्म ‘द साबरमती रिपोर्ट’ के लिए जाने जाते हैं, ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. इस मुलाकात ने उनके करियर में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ा. उन्हें प्रधानमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के साथ फिल्म देखने का विशेष अवसर प्राप्त हुआ. टाइम्स नेटवर्क इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव में इस अनुभव को साझा करते हुए विक्रांत ने कहा, “बहुत गहन चर्चा हुई, और मुझे लगता है कि उन चर्चाओं के विवरणों को गोपनीय रखना ही बेहतर है. लेकिन इतना जरूर कह सकता हूं कि उन्होंने (पीएम मोदी) फिल्म का भरपूर आनंद लिया और हमारे प्रयास की सराहना की.”
यह फिल्म 2002 के गोधरा ट्रेन कांड पर आधारित है और इसने राजनीतिक हलकों से लेकर फिल्म प्रेमियों के बीच चर्चाओं को जन्म दिया है. विक्रांत के अभिनय को व्यापक प्रशंसा मिली, और खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भी उनकी सराहना की. फिल्म की स्क्रीनिंग के भावनात्मक प्रभाव को याद करते हुए विक्रांत ने कहा, “उन्हें मेरा काम पसंद आया. उन्होंने जो कहा, वह मेरे लिए ऐसा प्रशंसा-पत्र है, जिसे मैं जीवन भर याद रखूंगा.”
फिल्म की बॉक्स ऑफिस सफलता पर विचार
फिल्म की बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंस पर बात करते हुए विक्रांत ने एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा, “देखिए, हर किसी का अपना नजरिया होता है. मैं जानता हूं कि अलग-अलग प्रकार के कलाकार और फिल्म निर्माता होते हैं. लेकिन मैं यहां एक छोटी सी बात सुधारना चाहूंगा — साबरमती (रिपोर्ट) एक हिट फिल्म है. अगर आप निवेश, उत्पादन लागत (सीओपी) और रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (आरओआई) पर गौर करें तो यह एक प्रमाणित हिट है.”
विक्रांत ने इस बात पर जोर दिया कि बॉक्स ऑफिस के आंकड़े सफलता का एकमात्र मापदंड नहीं हो सकते. उन्होंने कहा, “अगर आप मुझसे व्यक्तिगत तौर पर पूछें, तो मेरा मानना है कि अगर आप 200 करोड़ रुपये की फिल्म बनाते हैं और वह 250 करोड़ कमाती है, तो यह अच्छा बिजनेस नहीं है. लेकिन अगर मैंने 15 करोड़ की फिल्म बनाई और उसने 40 करोड़ कमाए, तो यह अच्छा बिजनेस है और मैं उन्हीं लोगों के साथ काम करता हूं, जो इस विचारधारा से सहमत हैं.”
सिनेमा के प्रभाव और कला के महत्व पर जोर
विक्रांत ने फिल्म उद्योग में केवल बॉक्स ऑफिस नंबरों पर ध्यान केंद्रित करने की प्रवृत्ति पर भी बात की और फिल्मों के व्यापक प्रभाव को महत्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “क्या बॉक्स ऑफिस की सफलता ही यह तय करती है कि आप सफल हुए या नहीं? मेरे मामले में नहीं, और मैं केवल अपने बारे में बात कर सकता हूं. मैं उस दुनिया से आता हूं जहां मैंने एक टीवी शो किया था, बालिका वधू. मुझे यह गर्व के साथ कहना है कि यह भारतीय टेलीविजन के इतिहास में सबसे अद्भुत शो में से एक है. इसने टीआरपी जरूर हासिल की लेकिन इसका सामाजिक प्रभाव बहुत बड़ा था. आज हम केवल इस बात पर ध्यान देते हैं कि फिल्म ने कितना ओपनिंग कलेक्शन किया. यह जरूरी भी है, क्योंकि यह एक व्यवसाय है और लोग इसमें काफी पैसा लगाते हैं. लेकिन मैं अपनी फिल्मों के ओपनिंग या उनके किसी क्लब में शामिल होने की परवाह नहीं करता. मेरे लिए कहानी का ‘आर्काइव वैल्यू’ ज्यादा मायने रखता है. कहानी आपसे ज्यादा समय तक जिंदा रहनी चाहिए और मैं अपने काम के जरिए यही हासिल करना चाहता हूं.”
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ब्रेक की घोषणा कर चौंकाया
इसी बीच, विक्रांत मैसी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर यह घोषणा की कि वह ब्रेक लेने जा रहे हैं. उन्होंने लिखा, “पिछले कुछ साल और उससे भी आगे का समय शानदार रहा है. मैं आप सभी का आपके अमिट समर्थन के लिए धन्यवाद करता हूं. लेकिन जैसे-जैसे मैं आगे बढ़ता हूं, मुझे एहसास होता है कि यह खुद को दोबारा संतुलित करने और घर लौटने का समय है. एक पति, पिता और बेटे के रूप में और एक अभिनेता के रूप में भी. इसलिए, 2025 में, हम आखिरी बार मिलेंगे. जब तक समय सही न हो. अंतिम दो फिल्में और यादों के कई साल. एक बार फिर से धन्यवाद. हर चीज और हर पल के लिए. हमेशा ऋणी रहूंगा.”
-भारत एक्सप्रेस
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