मोदी-पुतिन की दोस्ती से भड़के जेलेंस्की
Volodymyr Zelensky On Donald Trump Tariff On India: दुनिया गोल है, यह कहावत यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की पर पूरी तरह से लागू होती है. जहां एक समय वे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात करके रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत के समर्थन की उम्मीद कर रहे थे. वहीं अब वे दोमुंही बातें करते नजर आ रहे हैं. चीन में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन में मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की तिकड़ी को देखकर जेलेंस्की का दिमाग भन्ना गया और उन्होंने अमेरिका के खुले समर्थन में उतरते हुए भारत पर लगाए गए टैरिफ को ‘बिल्कुल सही’ बताया. इस बयान ने भारत और यूक्रेन के बीच के रिश्तों को अधूरी कहानी बना दिया है.
भारत और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसमें ट्रंप के टैरिफ (Donald Trump Tariff On India) के फैसले ने आग में घी का काम किया है. ट्रंप प्रशासन के फैसले और जेलेंस्की के बयान से यह साफ है कि आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
क्या बोले वलोडिमीर जेलेंस्की? (Volodymyr Zelensky Like Donald Trump)
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की ने हाल ही में भारत के प्रति अपना रुख कड़ा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी का समर्थन किया है. जेलेंस्की ने कहा कि रूस से व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाना सही फैसला है, जिससे भारत पर लगाए गए टैरिफ को सही ठहराया जा सके.
ट्रंप की आड़ में गुर्रा रहे जेलेंस्की
यूक्रेन और रूस के बीच 2022 से युद्ध चल रहा है, जिसमें भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिससे दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया है. जेलेंस्की ने अमेरिकी मीडिया से बात करते हुए कहा कि ट्रंप का फैसला सही है और रूस से व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ लगाना चाहिए.
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SCO शिखर सम्मेलन का प्रभाव
हाल ही में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात ने दुनिया भर में हलचल मचा दी. इस मुलाकात को एक नए ग्लोबल ऑर्डर की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है, जिससे अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की चिंताएं बढ़ गई हैं. देखना यह होगा कि भारत और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति कैसे सुलझती है और जेलेंस्की के बयान का दोनों देशों के संबंधों पर क्या असर पड़ता है.
भारत देगा जवाब
जेलेंस्की का यह बयान (Volodymyr Zelensky Anty India Statement) यह साबित करता है कि राजनीतिक स्वार्थ के आगे कोई दोस्ती या कूटनीति मायने नहीं रखती. एक तरफ जहाँ भारत रूस के साथ व्यापार करके अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप अपनी टैरिफ नीतियों से भारत को ‘सजा’ दे रहे हैं. ऐसे में जेलेंस्की का ट्रंप के सुर में सुर मिलाना यह दिखाता है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से ही दोस्तों का चुनाव करते हैं. इस घटना के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत अपनी ‘शांति और तटस्थता’ की नीति पर कायम रहता है, या फिर इस बयान का माकूल जवाब देता है.
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