डोनाल्ड ट्रंप के परिवार की आय
Donald Trump Family Income By Crypto: ‘हाथी के दांत खाने के और, दिखाने के और होते हैं’.. यह कहावत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पूरी तरह से खरी उतरती है. जहां एक ओर वे दुनिया को अपनी टैरिफ नीतियों से आंखें दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी अपनी ही फैमिली क्रिप्टोकरेंसी से अरबों रुपये कमा रही है. उसी क्रिप्टो से जिसे वह कभी ‘घोटाला’ और ‘फर्जी’ कहते नहीं थकते थे. आज उसी से उनके बेटों की कंपनियां चंद महीनों में रॉकेट की तरह आसमान छू रही हैं. साफ दिख रहा है कि डोनाल्ड ट्रंप बड़े वाले पल्टूराम हैं. आइये जानें क्रिप्टो से कुबेर बनने की कोशिश करने वाले ट्रंप की के परिवार ने कितना कमाया है?
परिवार ने कितना कमाया (Donald Trump Family Income)
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप फैमिली ने अपने दो क्रिप्टो फर्म के जरिए लगभग 1.3 अरब डॉलर की कमाई की है, जो भारतीय करेंसी में करीब 11451 करोड़ रुपये से ज्यादा होती है. इनमें पहली वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल है, जबकि दूसरी अमेरिकन बिटकॉइन कॉर्प है. रिपोर्ट के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप के सबसे बड़े बेटे डोनाल्ड जूनियर के साथ ही एरिक ट्रंप भी ट्रंप ऑर्गनाइजेशन के कार्यकारी अध्यक्ष हैं और फैमिली के क्रिप्टो पोर्टफोलियो के सार्वजनिक चेहरे बन गए हैं.
- ट्रंप फैमिली की कुल नेटवर्थ अब करीब 7.7 अरब डॉलर करीब 67,808 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
- गोल्फ कोर्स और रिसॉर्ट प्रॉपर्टियों के साथ-साथ क्रिप्टो उपक्रमों के जरिए कमाई होती है.
- कुल संपत्ति में लगभग 4 अरब डॉलर के लॉक्ड टोकन के अलावा, क्रिप्टो संपत्तियों शामिल हैं.
- 3 सितंबर को ट्रेडिंग शुरू होने पर एरिक ट्रंप की हिस्सेदारी 500 मिलियन डॉलर आंकी गई थी.
- बैरन ट्रंप ने 1 सितंबर को ही टोकन रिजर्व के लिए लिस्टेड कंपनी Alt5 सिग्मा के साथ एक करार किया था.
- बैरन के करार के बाद ट्रंप की फैमिली नेटवर्थ में 670 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी देखने को मिली.
डेमोक्रेट्स की आलोचना (Democrats criticize Donald Trump)
डेमोक्रेट सांसदों ने ट्रंप फैमिली की क्रिप्टो में भागीदारी की आलोचना की है. उनका कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप का परिवार क्रिप्टो से लाभ कमा रहा है, जबकि वो इस उद्योग पर नियमों और प्रवर्तन को कम कर रहे हैं. हालांकि, एरिक ट्रंप ने कहा है कि उनके पिता का फैमिली के क्रिप्टो बिजनेस से कोई ताल्लुक नहीं है. उन्होंने कहा कि डेमोक्रेट्स चाहे जो भी सोचें, उनके पिता का हमारे क्रिप्टो उपक्रमों से कोई लेना-देना नहीं है.
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पल्टूराम डोनाल्ड ट्रंप (Palturam Donald Trump)
ट्रंप के परिवार की कमाई पर सवाल और व्यंग इसलिए भी हो रहे हैं क्योंकि एक दौर था जब ट्रंप क्रिप्टो करेंसी को ‘घोटाला’ और ‘फर्जी’ कहा करते थे. उन्होंने इसे ड्रग डीलरों और माफिया के पैसे से भी जोड़ा था. हालांकि, राजनीतिक समर्थन, व्यावसायिक हित के कारण उनका रुख बदल गया और वह क्रिप्टो के पक्ष में हो गए. राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने क्रिप्टो को लेकर कई सकारात्मक कदम उठाए. ट्रंप ने अमेरिका को “क्रिप्टो कैपिटल” बनाने का वादा किया था साथ क्रिप्टोकरेंसी के लिए नियामक ढांचा उन्होंने तैयार कराया
- 2021: डोनाल्ड ट्रंप ने क्रिप्टोकरेंसी को घोटाला बताया था. एक फॉक्स बिजनेस इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि बिटकॉइन अमेरिकी डॉलर के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए बनाई गई है.
- 2024: राष्ट्रपति चुनाव के दौरान ट्रंप ने क्रिप्टो उद्योग से लाखों डॉलर का राजनीतिक चंदा स्वीकार करना शुरू कर दिया. इसे समय क्रिप्टो के जरिए उनके परिवार की निजी संपत्ति में भी काफी वृद्धि हुई.
- जनवरी 2025: राष्ट्रपति बनने के कुछ ही दिनों बाद ट्रंप ने मेमेकॉइन “$TRUMP” का समर्थन किया, जिसे उनके नाम पर लॉन्च किया गया था.
- मार्च 2025: ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए जिसमें एक ‘स्ट्रेटेजिक बिटकॉइन रिजर्व’ और एक ‘डिजिटल एसेट स्टॉकपाइल’ बनाने की घोषणा की गई.
- जुलाई 2025: उन्होंने “GENIUS एक्ट” नामक एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए. यह कानून स्टेबलकॉइन्स (स्थिर क्रिप्टोकरेंसी) के लिए एक नियामक ढांचा बनाता है
- सितंबर 2025: ट्रंप परिवार की क्रिप्टोकरेंसी कंपनी “वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल” ने अपने टोकन “$WLFI” को सार्वजनिक रूप से व्यापार के लिए उपलब्ध कराया.
‘घोटालों’ से भरी परिवार की जेब
डोनाल्ड ट्रंप का क्रिप्टो के प्रति यह रिवर्स गियर लगाना सिर्फ एक व्यावसायिक कदम नहीं है, बल्कि एक गहरी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है. पहले वे इसे बदनाम करते रहे, लेकिन जब उन्हें इस बाजार में सोने की खान नजर आई, तो उन्होंने अपने बयानों से पलटी मार ली. आज वे न केवल इसके सबसे बड़े समर्थक बन गए हैं, बल्कि उनके परिवार ने भी इस ‘घोटाले’ से अरबों की तिजोरी भर ली है. यह घटना साबित करती है कि राजनीति और व्यापार में कोई स्थायी दुश्मन या दोस्त नहीं होता, बल्कि सिर्फ स्वार्थ और मुनाफा होता है.
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