वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया है, और अब यह कानून बनने के बेहद करीब है. इस बिल में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है जो वक्फ संपत्तियों पर लिमिटेशन एक्ट को लागू करता है. इससे पहले, वक्फ अधिनियम 1995 के तहत वक्फ को लिमिटेशन एक्ट से छूट मिली हुई थी, लेकिन अब इस संशोधन के साथ यह छूट समाप्त हो गई है, और वक्फ संपत्तियों पर भी लिमिटेशन एक्ट लागू होगा.
क्या था पहले का प्रावधान?
वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 107 के तहत वक्फ संपत्तियों पर लिमिटेशन एक्ट 1963 के प्रावधान लागू नहीं होते थे. इसका मतलब था कि वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति पर अनिश्चित समय तक दावा कर सकता था. उदाहरण के तौर पर, यदि कोई व्यक्ति किसी वक्फ संपत्ति पर दशकों से कब्जा कर रहा था, तो भी वक्फ बोर्ड उस संपत्ति पर दावा कर सकता था, बिना यह विचार किए कि कब्जा करने वाले व्यक्ति ने लंबे समय से उस संपत्ति पर अधिकार बना रखा है. ऐसे मामलों में, संबंधित व्यक्ति को लिमिटेशन एक्ट का लाभ नहीं मिलता था और वह वक्फ बोर्ड के दावे के खिलाफ कोर्ट में यह नहीं कह सकता था कि “आपने इतनी देर बाद दावा किया है, अब यह संपत्ति मेरी है.”
वर्तमान में बदलाव
अब, वक्फ संशोधन विधेयक के तहत वक्फ संपत्तियों पर लिमिटेशन एक्ट का दायरा लागू हो जाएगा. इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति किसी वक्फ संपत्ति पर 12 साल या उससे अधिक समय तक कब्जा करता है, तो वक्फ बोर्ड उस पर दावा नहीं कर सकेगा. अब वक्फ बोर्ड के लिए भी संपत्ति पर दावा करने के लिए एक निर्धारित समय सीमा होगी.
सरकार का तर्क
अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने संसद में इस बिल को पेश करते हुए स्पष्ट किया कि लिमिटेशन एक्ट के लागू नहीं होने के कारण वक्फ बोर्ड कहीं भी दावा कर सकता था, जिससे विवादों की स्थिति उत्पन्न हो रही थी. लिमिटेशन एक्ट के लागू होने से यह सुनिश्चित होगा कि संपत्तियों पर दावा एक निश्चित समय सीमा तक ही किया जा सकेगा, जिससे वक्फ बोर्ड की मनमानी पर रोक लगेगी और आम नागरिकों को यह विश्वास मिलेगा कि उनकी संपत्ति अचानक वक्फ के नाम पर नहीं छिनी जाएगी.
लिमिटेशन एक्ट का प्रभाव
अब वक्फ बोर्ड 12 साल या उससे अधिक समय तक किसी संपत्ति पर कब्जा किए बिना उस पर दावा नहीं कर सकेगा. इसका मतलब यह भी होगा कि वक्फ संपत्तियों पर एडवर्स पजेशन एक्ट लागू होगा, जिससे अगर किसी व्यक्ति ने वक्फ संपत्ति पर 12 साल तक कब्जा किया है, तो उसे उस संपत्ति का स्थायी मालिक मान लिया जाएगा. यह बदलाव वक्फ संपत्तियों के दुरुपयोग और विवादों को कम करने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.
इस संशोधन के साथ, वक्फ संपत्तियों पर पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा, और वक्फ बोर्ड की कार्रवाई को समय सीमा में बांधने से आम लोगों को उनकी संपत्ति की सुरक्षा का भरोसा मिलेगा.
ये भी पढ़ें: वक्फ संशोधन विधेयक 2024-2025 से वक्फ संपत्तियों पर माफिया का कब्जा हुआ खत्म: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


