Bharat Express DD Free Dish

भाजपा ने ‘बंगाल फतह’ के लिए ऐसे की घेराबंदी, ‘सिंडिकेट और घुसपैठियों’ पर सवाल, 4 मई का इंतजार

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार पूरी तरह से एक हाई-वोल्टेज राजनीतिक मुकाबले में बदल गया.

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार सियासी तौर पर बेहद गर्म और ऐतिहासिक माना जा रहा है. पूरे चुनावी माहौल में जिस तरह की आक्रामकता और रणनीति देखने को मिली, उसने इसे सिर्फ एक राज्य का चुनाव नहीं रहने दिया, बल्कि इसे एक बड़ी राजनीतिक लड़ाई के रूप में पेश किया गया.

भारतीय जनता पार्टी ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. पार्टी का साफ फोकस मौजूदा सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को सत्ता से हटाकर राज्य में बदलाव लाने पर था. इसी लक्ष्य के साथ बीजेपी ने अपने सबसे बड़े नेताओं को लगातार मैदान में उतारा.

चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों तक राज्य के कोने-कोने में रैलियों, रोड शो और जनसभाओं की बाढ़ सी आ गई थी. इससे यह साफ झलक रहा था कि बीजेपी इस चुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है और इसे अपनी राजनीतिक प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही थी.

अमित शाह की मौजूदगी और रणनीतिक हमले

बीजेपी के चुनावी अभियान की कमान मुख्य रूप से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संभाली. उन्होंने मार्च के अंत में शुरू हुई ‘परिवर्तन यात्रा’ से लेकर अप्रैल के आखिरी दिनों तक लगातार बंगाल में डेरा डाले रखा.

10 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल तक उन्होंने लगभग हर दिन किसी न किसी जिले में रैली, रोड शो या प्रेस कॉन्फ्रेंस कर टीएमसी सरकार पर तीखे हमले किए. उनका पूरा फोकस राज्य में कथित “सिंडिकेट राज” और “घुसपैठ” जैसे मुद्दों पर रहा.

पीएम मोदी की सभाएं और ‘विजय संकल्प’ का संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस चुनाव में कई बड़ी जनसभाएं कीं. ‘विजय संकल्प सभा’ के जरिए उन्होंने लोगों से बदलाव की अपील की और बीजेपी के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की. उनकी रैलियों में विकास, सुरक्षा और बेहतर प्रशासन जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए. खासकर उन्होंने मतदाताओं से एक नए राजनीतिक विकल्प पर भरोसा जताने की बात कही.

अन्य नेताओं की सक्रिय भूमिका

पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी प्रचार में बड़ी भूमिका निभाई. योगी आदित्यनाथ ने करीब 20 रैलियों में हिस्सा लिया और कानून-व्यवस्था तथा हिंदुत्व जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वहीं जेपी नड्डा ने लगातार कई इलाकों में जाकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम किया.

पूरे प्रचार अभियान के दौरान बीजेपी नेताओं का एक ही संदेश बार-बार सामने आया कि भ्रष्टाचार और कथित सिंडिकेट राज से मुक्ति के बिना विकास संभव नहीं है. दूसरी ओर, मतदाताओं ने भी भारी उत्साह दिखाया और मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया.

ये भी पढ़ें: यूपी की रफ्तार को मिले पंख! पीएम मोदी ने देश को सौंपा अदाणी ग्रुप द्वारा निर्मित गंगा एक्सप्रेसवे

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read