West Bengal Property Damage Penalty: पश्चिम बंगाल सरकार ने सार्वजनिक और औद्योगिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों पर सख्ती दिखाने का ऐलान किया है. अब अगर कोई दंगे, हिंसक प्रदर्शन या तोड़फोड़ करता है तो उसे नुकसान की भरपाई करनी होगी. खास बात यह है कि जितना नुकसान होगा उसकी तीन गुना रकम वसूली जाएगी.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर में नागरिक समाज और व्यापारिक समुदाय के साथ बैठक में कहा कि विरोध करना सबका अधिकार है, लेकिन हिंसा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने साफ कहा कि अगर किसी इंडस्ट्रियल यूनिट को जबरन बंद कराया गया या उसमें तोड़फोड़ हुई तो आरोपी को जेल भी होगी और नुकसान की तीन गुना राशि भरनी पड़ेगी.
जुर्माना न भरने पर नीलामी
सीएम अधिकारी ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी संपत्ति को 1 करोड़ का नुकसान हुआ है तो आरोपी को 3 करोड़ रुपये देने होंगे. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो आरोपी की संपत्ति की नीलामी करके रकम वसूली जाएगी.
विधानसभा में पास हुए दो बिल
28 जून को विधानसभा में दो अहम कानून पास किए गए. पहला है ‘वेस्ट बंगाल मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (अमेंडमेंट) एक्ट’, जिसके तहत दंगों और हिंसक प्रदर्शनों में सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को आर्थिक रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा. दूसरा है ‘वेस्ट बंगाल पब्लिक सेफ्टी एंड कंट्रोल ऑफ एंटी-सोशल एक्टिविटीज बिल’, जिसमें बिना ट्रायल 12 महीने तक हिरासत में रखने का प्रावधान है.
निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की कोशिश
सरकार का कहना है कि इन कानूनों का मकसद औद्योगिक और सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा करना है. तोड़फोड़ की घटनाओं से निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है. अब जवाबदेही तय होने से औद्योगिक इकाइयों को सुरक्षा मिलेगी और राज्य में निवेश का माहौल बेहतर होगा.
पश्चिम बंगाल सरकार ने साफ कर दिया है कि अब हिंसा और तोड़फोड़ करने वालों को भारी आर्थिक सजा भुगतनी होगी. तीन गुना वसूली और संपत्ति की नीलामी जैसे प्रावधानों से सरकार ने संकेत दिया है कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वालों की अब खैर नहीं.
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-भारत एक्सप्रेस
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