Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी विवाद को लेकर विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने जांच अधिकारी DSP आशुतोष तिवारी को पत्र भेजा है. इस पत्र में उन्होंने जांच का दायरा और बड़ा करने की बात कही है. उनका कहना है कि जिन नेताओं ने सार्वजनिक मंचों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनके बयान भी दर्ज किए जाएं.
नेताओं के बयान पर सवाल
पत्र में चार बड़े नेताओं प्रो. राम गोपाल यादव, अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और प्रियंका गांधी वाड्रा का जिक्र किया गया है. इन नेताओं ने टीवी चैनलों, सोशल मीडिया और सभाओं में मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए थे. कुछ ने तो 200 करोड़ रुपये से लेकर 20,000 करोड़ रुपये तक की अनियमितताओं का दावा किया. आलोक कुमार ने कहा कि अगर इतने बड़े आरोप लगाए गए हैं तो संभव है कि उनके पास कुछ सबूत या जानकारी हो.
#WATCH | Delhi: On the alleged Ram Mandir donation embezzlement case, VHP International President Alok Kumar, says, "We have demanded a thorough investigation, an inquiry into every single allegation. Whether someone calls it theft, looting, or dacoity is irrelevant; only the… pic.twitter.com/UDyvouQIyc
— ANI (@ANI) July 5, 2026
SIT से पूछताछ की मांग
पत्र में जांच एजेंसी से आग्रह किया गया है कि इन नेताओं से पूछताछ कर यह पता लगाया जाए कि उनके आरोपों का आधार क्या है. उनसे यह भी पूछा जाए कि उन्हें जानकारी किस स्रोत से मिली और क्या उनके पास कोई दस्तावेज या रिकॉर्ड मौजूद है. पत्र में यह भी उल्लेख है कि संजय सिंह पहले ही SIT के सामने पेश हो चुके हैं और जमीन खरीद से जुड़े कुछ कागजात सौंप चुके हैं.
प्रियंका गांधी के बयान का हवाला
पत्र में प्रियंका गांधी के उस बयान का भी जिक्र है जिसमें उन्होंने सवाल उठाया था कि क्या केवल छोटे कर्मचारी CCTV बंद कर इतने बड़े स्तर पर हेराफेरी कर सकते हैं या इसके पीछे बड़े लोगों की भूमिका है.
झूठे आरोपों पर कार्रवाई की बात
विहिप अध्यक्ष ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सामग्री देता है तो जांच एजेंसी को सच्चाई तक पहुंचने में मदद मिलेगी. लेकिन अगर जांच में यह साबित हो जाए कि आरोप जानबूझकर झूठे या बिना आधार के लगाए गए हैं, तो ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई भी होनी चाहिए.
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कुल मिलाकर विहिप ने साफ कर दिया है कि राम मंदिर दान चोरी मामले की जांच सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित न रहे बल्कि उन नेताओं तक भी पहुंचे जिन्होंने बड़े-बड़े आरोप लगाए हैं. इससे जांच की दिशा और स्पष्ट होगी और सच्चाई सामने आ सकेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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