Mithi River Scam: मुंबई के लिए महत्वपूर्ण जल निकासी मार्ग मीठी नदी देश भर में चर्चा में आ गई है. इसकी सफाई के नाम पर खर्च हुआ 65 करोड़ रुपया इस घोटाले का मुख्य केंद्र है. इसमें बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया भी सवालों के घेरे में हैं. सोमवार को एक्टर और उनके भाई सैंटिनो से मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मामले में गिरफ्तार किए गए एक बिचौलिए से संबंधों के मामले में लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की.
इस घोटाले में पहले से ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी है. इसके अलावा कई महत्वपूर्ण राजनीतिक उठा-पटक और बयानबाजी भी देखने को मिली है. पर पूरा मामला है क्या और इसमें डिनो मोरिया कैसे शामिल है? आइए इसको समझते हैं.
मीठी नदी विवाद क्या है?
मीठी नदी 17.8 किलोमीटर लंबी नदी है जो मुंबई में विहार और पवई झीलों के ओवरफ्लो होने की वजह से निकलती है जो माहिम क्रीक और अंत में अरब सागर में मिलती है. मुंबई में जुलाई 2005 की आई भयावह बाढ़ में 1,000 से अधिक लोगों की मौतें हुईं थी. इसके बाद से मीठी नदी अपने अत्यधिक प्रदूषण और गाद के जमा होने की वजह से जांच के दायरे में आ गई. क्योंकि इसकी वजह से मीठी नदी की मानसून के दौरान पानी ले जाने की क्षमता कम हो गई.
भारत के सबसे अमीर नगर निगम बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC)ने पिछले दो दशकों में गाद निकालने के कई प्रयास शुरू किए हैं. नदी की सफाई और रखरखाव के लिए बड़ी संख्या में रुपये आवंटित किए जाने के बावजूद, लापरवाही, भ्रष्टाचार और अप्रभावी काम के आरोप नियमित रूप से सामने आते रहे हैं.
65 करोड़ रुपये का घोटाला
इस महीने की शुरुआत में EOW ने मीठी नदी से गाद निकालने से संबंधित बड़े पैमाने पर घोटाले में संलिप्तता के लिए BMC अधिकारियों और ठेकेदारों सहित 13 व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया. जांच अधिकारियों के अनुसार, विशेष ड्रेजिंग मशीन किराए पर लेने के लिए टेंडरों में कुछ सप्लायर को लाभ पहुंचाने के लिए हेरफेर किया गया था.
आरोप है कि इन टेंडरों को प्रतिस्पर्धा को खत्म करने और पसंदीदा संस्थाओं को अनुबंध दिए जाने के लिए विशेष शर्तों के साथ तैयार किया गया था. फिर ठेकेदारों ने गाद परिवहन के लिए फर्जी बिल बनाए जो या तो किए ही नहीं गए या फिर बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए. 8 करोड़ रुपये के एक अनुबंध को कथित तौर पर 17 करोड़ रुपये तक बढ़ा-चढ़ाकर भुगतान किया गया.
नतीजतन, BMC ने कथित तौर पर कोच्चि स्थित कंपनी मैटप्रॉप टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से प्राप्त मशीनों के लिए बढ़ी हुई कीमतें चुकाईं. अधिकारियों का अनुमान है कि BMC को इससे 65 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ.
जांच अधिकारियों का ये भी मानना है कि इस धोखाधड़ी को बीएमसी के कुछ अधिकारी और मैटप्रॉप कंपनी के कर्मचारियों ने मिलकर अंजाम दिया. मामले में दो प्रमुख बिचौलियों ‘केतन कदम’ और ‘जयेश जय’ जोशी को गिरफ्तार किया गया.
जांच डीनो मोरिया तक कैसे पहुंची?
बॉलीवुड अभिनेता डिनो मोरिया 2000 के दशक की शुरुआत की फिल्मों में अपने काम के लिए जाने जाते हैं. अगले महीने आने वाली फिल्म ‘हाउसफुल-5’ में भी वह नजर आएंगे. डिनो और उनके भाई सैंटिनो को EOW ने तब बुलाया, जब कॉल डिटेल रिकॉर्ड से पता चला कि उनके और केतन कदम के बीच लगातार बातचीत होती थी. कदम को जांच में पहले ही गिरफ्तार किया गया था. आरोप है कि कदम ने गाद निकालने के अनुबंधों और मशीनरी के किराये की निगरानी में अहम भूमिका निभाई थी.

डिनो और सैंटिनो दोनों सोमवार (26 मई ) को सुबह दक्षिण मुंबई में मुंबई पुलिस कमिश्नरेट स्थित EOW कार्यालय पहुंचे. वे लगभग आठ घंटे तक अंदर रहे, इस दौरान उनसे पूछताछ किए गए और उनके बयान दर्ज किए गए. हालांकि, मामले में उनकी संलिप्तता किस तरीके की है यह अभी स्पष्ट नहीं और अभी भी इसकी जांच की जा रही है.
डिनो मोरिया को अभी घोटाले में आरोपी नहीं बनाया गया है. EOW के अधिकारियों के मुताबिक, डिनो मोरिया को इसलिए बुलाया गया क्योंकि जांच में उनकी और उनके भाई सैंटिनो मोरिया की और इस मामले के मुख्य आरोपी केतन कदम के फोन पर कई बार बातचीत के रिकॉर्ड मिले हैं. अब पुलिस ये समझना चाहती है कि इनके बीच क्या चर्चा हुई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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