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IPS अनुराग आर्य
Mukhtar Ansari: फिल्मी दुनिया से अलग आपने कई ऐसे होनार और तेजतर्रार आईपीएस ऑफिसर के बारे में सुना होगा. जिसने अपने कामों से जनता के बीच एक मिशाल पैदा की हो. ऐसे ही एक यूपी के ऑफिसर हैं अनुराग आर्य. जिन्होंने अपनी काबिलियत से अच्छे-अच्छे बदमाशों में खौफ पैदा कर दिया. अनुराम 2023 के बैच के आईपीएस ऑफिसर हैं. जो पहली बार बाहुबली मुख्तार अंसारी के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाकर चर्चा में आए थे. अंसारी के साम्राज्य पर पहली बार चोट अनुराग आर्य ने ही की थी.
आज अनुराग आर्य का नाम प्रदेश के उन धुरंधर आईपीएस अधिकारियों में आता है. जिन्होंने अपने काम से बड़े-बड़े अपराधियों और बाहुबलियों के पसीने छुड़ा दिये. आइए आपको आईपीएस अनुराग के बारे में बताते हैं.
आईपीएस अनुराग आर्य का बचपन उन सभी बच्चों के तरह है, जो बचपन में एक पुलिस अधिकारी बनने का सपना देखते हैं. वो भी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में आम परीक्षार्थियों के तरह प्रशासन की सेवा करने में अपना सहयोग देना चहाते थे. अनुराग ने पहले तो एमएससी में एडमिशन लिया, उसके बाद वह कुछ और करने वाले थे. लेकिन अनुराग बचपन से ही इंग्लिश से डरते थे, इसलिए वह एमएससी के ही दो सबजेक्ट में फेल हो गए. इस बात से बेहद परेशान हो गए और उन्होंने अपनी जिन्दगी में आगे कुछ और करने की सोची. जिसके बाद उन्होंने एमएससी (MSC) की पढ़ाई छोड़कर कुछ समय लिया…और बाद में फाइनली तय किया कि उन्हें आईपीएस बनना है.
अनुराग आर्य ने साल 2013 में यूपीएससी (UPSC) की परीक्षा दी. जिसके बाद उनका सेलेक्शन आरबीआई (RBI) के मैनेजर के पद पर हो गया था. यहां कानपुर ने करीब आठ महीने तक नौकरी की, लेकिन उन्होंने अपने आईपीएस बनने का सपने को कभी अधूरा नहीं छोड़. वह नौकरी के साथ-साथ अपनी तैयारी करते रहे और इस दौरान वह आईपीएस अधिकारी बन गए. उनकी 163वीं रैंक हासिल की थी. यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने बैंक की नौकरी छोड़ दी. शुरुआत में अनुराग आर्य ढाई साल में चार जिलों के एसपी बने.
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साल 2019 और 2020 में अनुराग आर्य की तैनाती मऊ हुई थी और यह बाहुबली मुख्तार अंसारी का गढ़ था. यहां उन्होंने सबसे पहले अंसारी के गैंग पर कड़ी कार्रवाई करना शुरू की. अनुराग ने अंसारी के गैंग के 26 लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई की. इसके साथ ही उन्होंने शूटर अनुज कनौजिया का घर बुलडोजर से ढहा दिया. अनुराग आर्य ने 2020 में मुख्तार अंसारी पर मुकदमा दर्ज किया. यह 2013 के बाद पहली बार था जब मुख्तार पर कोई केस दर्ज हुआ. उन्होंने मुख्तार अंसारी की काली कमाई के स्रोतों पर प्रहार किया और उसके गुर्गों पर कड़ा एक्शन लिया.
आईपीएस अनुराग आर्य यूपी के बागपत जिले के छोटे से गांव छपरौली से हैं. वह अपनी मां डॉ. पूनम आर्य और पत्नी वनिका सिंह के साथ रहते हैं. वनिका सिंह पीसीएस अधिकारी हैं. जबकि मां होम्योपैथी डॉक्टर हैं. उनके पिता भी डॉक्टर हैं.
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