अखिलेश यादव (फोटो सोशल मीडिया)
Ram Mandir Pran Pratishtha: राम मंदिर के उद्घाटन से पहले यूपी में सियासत तेज हो गई है. निमंत्रण को लेकर विपक्षी दल लगातार सत्तारूढ़ दल भाजपा के साथ ही चंपत राय पर हमला बोल रहा है. ताजा बयान सपा नेता की ओर से आया है और उन्होंने श्री राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर निशाना साधा है और निमंत्रण पर बहुत कुछ कह दिया है. सपा प्रवक्ता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने प्रेस कांफ्रेंस कर चंपत राय पर जमकर हमला बोला है औऱ उन पर संतों-महंतों व शंकराचार्य के अपमान का आरोप लगाया. इसी के साथ ये भी कहा है कि उनमें अहंकार आ गया है कोई विपक्ष का नेता उनसे न्योते के लिए गिड़गिड़ा नहीं रहा है.
पत्रकारों से बात करते हुए सपा नेता पवन पांडे ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर हमला बोला और खूब खरी-खोटी सुनाई. पवन पांडे ने कहा कि “चंपत जी अहंकारी हैं.. विपक्ष का कौन सा नेता इनके आगे या उनके पैरों में गिड़गिड़ा रहा था कि हमें निमंत्रण दे दो और क्या राम मंदिर या अयोध्या के किसी भी मंदिर में जाने के लिए चंपत राय जी से टिकट लेना पड़ेगा?” इसी के साथ ही पवन पांडे ने ये भी कहा कि, “क्या वो मंदिर में प्रवेश के लिए टिकट लगाकर बैठे हैं. क्या 22 जनवरी को ही प्रभु श्रीराम मिलेंगे, उसके बाद नहीं. बाद में एक आम आदमी रामलला के दर्शन नहीं कर सकता. वो अपने सर्टिफिकेट को अपनी जेब में ही रखे.”
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सपा नेता यही नहीं रुके और अपने बयान को जारी रखते हुए सवाल किया और बोले कि “चंपत राय श्रीराम मंदिर को अपने पैसे से बनवा रहे हैं, क्या सभी ने इसमें समर्पण नहीं किया है. किसी ने खुल कर दिया है किसी ने गुपचुप तौर पर दिया है.” इसी के साथ ही सपा नेता ने आगे कहा कि “हमारी पार्टी के भी बहुत सारे लोगों ने दिया है. कांग्रेस पार्टी के लोगों ने दिया है, प्रभु श्री राम हमारे लिए श्रद्धा का विषय है देवी देवता हैं, वह राजनीति का विषय नहीं है.”
उन्होंने आगे सवाल खड़ा करते हुए कहा कि अगर इतना ही है तो फिर रामनवमी के दिन क्यों नहीं प्राण प्रतिष्ठा कर रहे, क्योंकि तब आचार संहिता लग जाएगी. और भगवान राम का भाजपाईकरण नहीं हो पाता. इसी के साथ ही सपा नेता चंपत राय पर आरोप लगाया और कहा कि “चंपत राय को इतना अहंकार हो गया है वो पूज्य शंकराचार्य के संतों के उनके आदर्श से उनके सम्मान के साथ खिलवाड़ कर रहे है. सम्मान के खिलाफ बोल रहे है उनमें इतना अहंकार भर गया है कि उन्हें अपमानित किया जा रहा है.” पवन पांडे आगे बोले कि “सुनने में आ रहा है कि शंकराचार्य जनों ने मना कर दिया है. बहुत लोग कह रहे हैं कि अब हम आएंगे ही नहीं आप अपमानित करके बुलाएंगे. अगर प्रधानमंत्री का प्रोटोकॉल है तो हमारे शंकराचार्य और पूज्य संतों महंतों का भी प्रोटोकॉल है उसका पूरा पालन होना चाहिए.”
-भारत एक्सप्रेस
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