PM Modi Rakhi Sister: रक्षाबंधन का पावन त्योहार इस साल 9 अगस्त को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा. भाई-बहन के रिश्ते की इस खास दिन पर एक बार फिर सबकी नजरें उस बहन पर टिकी हैं, जो पिछले तीन दशकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राखी भेजती आ रही हैं. खास बात ये है कि ये बहन भारत की नहीं, पाकिस्तान में जन्मी हैं.
कमर मोहसिन शेख, जिनका जन्म पाकिस्तान के कराची में हुआ था, साल 1981 में शादी के बाद भारत आ गई थीं. तब से वह यहीं रह रही हैं और हर साल रक्षाबंधन पर अपने मुंहबोले भाई नरेंद्र मोदी को राखी भेजती हैं.
इस साल भी उन्होंने दो खास राखियां तैयार की हैं, जिन पर ‘ॐ’ और भगवान गणेश की तस्वीरें बनी हैं. फिलहाल वह पीएमओ से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही हैं ताकि वह व्यक्तिगत तौर पर राखी भेंट कर सकें.
कैसे जुड़ा यह रिश्ता?
कमर शेख के मुताबिक उनका और पीएम मोदी का यह भाई-बहन का रिश्ता यूं ही नहीं बना. सालों पहले जब मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े हुए थे, तब एक बार उन्होंने कमर से हालचाल पूछा था. उसी छोटी-सी बातचीत ने एक गहरा रिश्ता जन्म दिया.
फिर साल 1990 में गुजरात के तत्कालीन राज्यपाल डॉ. स्वरूप सिंह ने अहम भूमिका निभाई. उन्होंने एयरपोर्ट पर कमर से कहा कि वह उन्हें अपनी बेटी मानते हैं. इस पर मोदी ने मुस्कुराकर कहा, “तो फिर मैं इन्हें अपनी बहन मान लेता हूं.”
बाजार से नहीं खरीदती राखी
कमर शेख बताती हैं कि वह कभी बाजार से राखी नहीं खरीदतीं. हर बार अपने हाथों से राखी बनाती हैं और उन्हीं में से एक खास राखी मोदी जी के लिए चुनती हैं. यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि उनके दिल का रिश्ता है, जिसे वह हर साल पूरी श्रद्धा से निभाती हैं.
मोदी के सीएम और फिर पीएम बनने की दुआ की
कमर शेख का जुड़ाव इतना गहरा है कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने पूछा, “अब क्या दुआ मांगोगी?” इस पर कमर ने मुस्कुरा कर कहा, “अब चाहती हूं कि आप देश के प्रधानमंत्री बनें.” और वाकई, कुछ सालों बाद यह दुआ भी कबूल हो गई.
हालांकि इस बार रक्षाबंधन के मौके पर भारत-पाक रिश्ते तनावपूर्ण हैं. पहलगाम में हालिया आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के चलते माहौल संवेदनशील है. फिर भी कमर शेख को उम्मीद है कि इस पवित्र रिश्ते की डोर सब बाधाओं को पार कर लेगी और उन्हें पीएम मोदी से मिलने की अनुमति जरूर मिलेगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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