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क्या धर्म परिवर्तन के बाद खत्म होगा आदिवासियों का आरक्षण? झारखंड विधानसभा में बढ़ा तनाव!

झारखंड विधानसभा में धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण पर सत्ता और विपक्ष में तीखी बहस हुई. भाजपा ने आरक्षण खत्म करने की मांग की, जबकि कांग्रेस ने धर्मनिरपेक्षता के आधार पर लाभ जारी रखने की बात कही.

jharkhand assembly
Aarika Singh Edited by Aarika Singh

पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण समाप्त की जाने की बात पर झारखंड विधानसभा के आज के बजट सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने अपनी अपनी राजनीति प्रतिक्रिया व्यक्त की

सत्ता पक्ष के विधायक हेमलाल मुर्मू ने धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण नहीं मिलने के विषय पर कहा कि इसके लिए संविधान में बदलाव लाना होगा और संविधान में बिना सुधार लाएं ऐसा संभव नहीं है. यह राज्य सरकार का मामला नहीं है. आदिवासी के दूसरे धर्म में चले जाने के बाद उसका आदिवासीयत खत्म नहीं होता है. यह मामला पार्लियामेंट, (भारतीय संसद) का है और इस विषय में मेंबर ऑफ पार्लियामेंट को चंपई सोरेन जी को ज्ञान देनी चाहिए पर अब कब कब कौन सा बिरनी काट लेता है यह पता नहीं है. वही चंपई सोरेन और सीता सोरेन के JMM में वापसी पर दरवाजा खुला होने के विषय पर कहा कि अभी खुला है या बंद है या कैसे कहा जा सकता है.

धर्म परिवर्तन करने वालों को आरक्षण का लाभ क्यों

झारखंड की विपक्षी पार्टी भाजपा विधायक ने अपने साथी विधायक के बातों का समर्थन करते हुए कहा कि धर्म परिवर्तन करने वालों को आरक्षण का लाभ क्यों दिया जाना चाहिए? वही अपने साथी विधायक चंपई सोरेन के बिरनी काटे जाने के विषय पर कहा कि अभी पर बिरनी छोड़ देते और सभी को कटवा कर क्योंकि बिरनी भी अब नहीं पहचान रहा है कि कौन अराजक स्थिति बनाए हुए हैं सत्ता पक्ष के प्रदीप यादव के सवाल का जवाब सरकार नहीं दे पा रही है. प्रदीप यादव प्रूफ दे रहे हैं तब भी सरकार बोलती है की हम जांच करवाएंगे

धर्म परिवर्तन को लेकर विपक्ष में तीखी बहस

वहीं जनता दल यूनाइटेड पूर्वी जमशेदपुर वरिष्ठ विधायक का कहना है कि चंपई सोरेन जी के धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण का लाभ नहीं मिले यह बिल्कुल सही है क्योंकि कोई भी व्यक्ति दोहरा लाभ नहीं ले सकता है आप आदिवासी होने का भी लाभ लीजिएगा और धर्म के आधार पर भी लाभ लीजिएगा जब व्यक्ति धर्म बदल लिया तो यह उसे निश्चित रूप से सोचना चाहिए कि यदि धर्म बदला तो यह सोचना चाहिए कि आप धर्म बदलने के बाद आदिवासी रह गए या ना नहीं.

वही इस विषय पर सत्ता पक्ष के कांग्रेस विधायक का कहना है कि जब देश धर्मनिरपेक्ष है, तो धर्म कोई भी अपने पर जात के आधार पर आदिवासी है. इसलिए आदिवासी का लाभ मिलेगा.

झारखंड विधानसभा में धर्म परिवर्तन के बाद आरक्षण पर सत्ता और विपक्ष में तीखी बहस हुई. भाजपा ने आरक्षण खत्म करने की मांग की, जबकि कांग्रेस ने धर्मनिरपेक्षता के आधार पर लाभ जारी रखने की बात कही.

-भारत एक्सप्रेस



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