Bharat Express DD Free Dish

भगोड़े जाकिर नाइक पर भारत ने कसा शिकंजा! BRICS के मंच पर PM मोदी ने उठाया मुद्दा, मलेशिया ने दिए सकारात्मक संकेत

Zakir Naik Extradition Case: विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. भारत और मलेशिया के बीच इस मामले को लेकर बातचीत हुई है. मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने खुद इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच निजी बातचीत में जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठता रहा है.

zakir-naik-extradition-india-malaysia-pm-modi-anwar-ibrahim-brics-summit

पीएम मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से जाकिर नाइक को लेकर की बातचीत (इमेज-X.Com)

Zakir Naik Extradition Case: विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है. भारत और मलेशिया के बीच इस मामले को लेकर बातचीत हुई है. मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने खुद इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच निजी बातचीत में जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठता रहा है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस मामले में मलेशिया कानून के मुताबिक ही आगे बढ़ेगा.

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मुलाकात हुई. इस बैठक के बाद अनवर इब्राहिम ने एक इंटरव्यू में जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर भारत की मांग से जुड़े सवाल का जवाब दिया.

निजी बातचीत में मुद्दा उठता रहता है

अनवर इब्राहिम ने कहा कि जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर दोनों देशों के बीच निजी स्तर पर बातचीत जारी रहती है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को सार्वजनिक करने के बजाय दोनों देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए बातचीत के जरिए आगे बढ़ना ज्यादा उचित है.

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच विश्वास और संबंधों को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रत्यर्पण के मामले में कानून के शासन का पालन करना जरूरी है. उनके मुताबिक, मलेशिया भारत की चिंताओं को समझता है, लेकिन इस मामले को सावधानी और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही आगे बढ़ाया जाएगा.

मलेशिया में स्थायी निवासी है जाकिर नाइक

जाकिर नाइक लंबे समय से मलेशिया में रह रहा है. भारत में उसके खिलाफ कई गंभीर आरोपों में जांच और कानूनी कार्रवाई चल रही है. भारतीय एजेंसियां उसके खिलाफ कथित तौर पर भड़काऊ भाषणों और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच कर चुकी हैं.

जाकिर नाइक वर्ष 2016 में भारत छोड़कर मलेशिया चला गया था. इसके बाद उसे मलेशिया में स्थायी निवासी का दर्जा मिला. भारत की जांच एजेंसियां लंबे समय से उसके प्रत्यर्पण की मांग करती रही हैं.

प्रत्यर्पण पर मलेशिया का रुख क्या है?

जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण को लेकर भारत और मलेशिया के बीच पहले भी बातचीत होती रही है. मलेशिया ने सार्वजनिक रूप से यह संकेत दिया है कि किसी भी प्रत्यर्पण अनुरोध पर वहां के कानून और तय कानूनी प्रक्रिया के तहत फैसला लिया जाएगा.

ये भी पढ़ें- BRICS में मोदी का डंका, ग्लोबल टाइम्स बोला- भारत बना ग्लोबल साउथ की आवाज

ऐसे में अनवर इब्राहिम का ताजा बयान इस मामले में इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने पहली बार BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत के साथ हुई बातचीत में जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मुद्दा उठने की पुष्टि की है. हालांकि फिलहाल मलेशिया की ओर से उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दिए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read