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कांग्रेस नेता और मलूर विधानसभा क्षेत्र से नेता केवाई नानजे गौड़ा को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत

कांग्रेस नेता केवाई नानजे गौड़ा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है. कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा मलूर विधानसभा चुनाव रद्द करने के फैसले पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा कि बिना कोर्ट की अनुमति पुनर्मतगणना परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा.

Supreme Court
Edited by Radha Priya

Malur Assembly Elections 2023: कांग्रेस नेता और मलूर विधानसभा क्षेत्र से नेता केवाई नानजे गौड़ा को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा चुनाव रद्द करने के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दिया है. गौड़ा ने कर्नाटक हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह आदेश दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना पुनर्मतगणना परिणाम घोषित नहीं किया जाएगा. कोर्ट ने चुनाव आयोग से मतगणना के संबंध में कर्नाटक हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करने और सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है.

हाई कोर्ट ने मालूर विधानसभा चुनाव रद्द किया

हाई कोर्ट ने 2023 में कोलार के मालूर निर्वाचन क्षेत्र.से चुनाव को रद्द कर दिया था. हाई कोर्ट ने कहा था जिला निर्वाचन अधिकारी मतगणना की वीडियो रिकॉर्डिंग पेश करने में नाकाम रहे जो जरूरी थी. कर्नाटक विधान सभा चुनाव 2023 में केवाई नानजे गौड़ा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी एवं भाजपा नेता के.एस मंजूनाथ गौड़ा को 248 वोटों के अंतर से हराया था.

हाई कोर्ट ने लगभग दो साल की सुनवाई के बाद पुनर्मतगणना के पक्ष में फैसला सुनाया था और नानजे गौड़ा के चुनाव को अवैध घोषित कर दिया. पिछले विधानसभा चुनाव में मालूर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार केवाई नानजे गौड़ा ने जीत हासिल की थी. इसपर सवाल उठाते हुए याचिकाकर्ता ने कहा था कि मतगणना केंद्र पर चुनाव लड़ने वाले सभी 15 उम्मीदवारों के एजेंटों के लिए उचित व्यवस्था नही की गई थी. मतगणना एक ही कमरे में होनी थी, लेकिन मतगणना दो अलग-अलग कमरों में की गई थी.

2023 चुनाव में कांग्रेस के नानजे गौड़ा को 29.4 फीसदी वोट, भाजपा के मंजीनाथ गौड़ा को 29.26 फीसदी वोट, निर्दलीय हड्डी विजयकुमार को 28.48 फीसदी वोट और जेडीएस को केवल 10.17 फीसदी वोट मिले. मालूर में जितने वाले प्रत्याशियों को हमेशा 40 फीसदी से ज्यादा वोट मिलते रहें है.

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-भारत एक्सप्रेस



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