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स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ आमूलचूल परिवर्तनः ब्रजेश पाठक

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं में किए गए सुधारों की जानकारी दी, अस्पतालों में अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना, नए मेडिकल कॉलेज, और आयुष्मान योजना का जिक्र किया.

Brajesh Pathak
Aarika Singh Edited by Aarika Singh

2017 के बाद से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन हुआ है. पूर्व की सरकारों में स्वास्थ्य विभाग की क्या स्थिति थी, यह किसी से छिपी नहीं है. हमारी सरकार की प्राथमिकता आमजन को उच्चस्तर का गुणवत्तापरक उपचार उपलब्ध कराना है. हमने अपने अस्पतालों को अपग्रेड किया है. वहां अत्याधुनिक मशीनों की स्थापना की है. यह कहना है प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का.
शुक्रवार को विधानसभा में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि हम सभी जिलों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे हैं.

ग्रामीण स्तर पर उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य है पांच हजार नए सब सेंटर खोले जाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी गई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश में 65 मेडिकल कॉलेज पूरे क्षमता के साथ काम कर रहे हैं. 18 नए मेडिकल कॉलेज भी खोले गए हैं. इन मेडिकल कॉलेजों के साथ ही 27 नए पैरा मेडिकल कॉलेज भी बनाए गए हैं. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि हर दिन हमारे अस्पतालों में दो लाख से अधिक मरीज आ रहे हैं. चिकित्सा शिक्षा से जुडे संस्थानों की संख्या इसमें शामिल नहीं है.

अस्पतालों में भरा रहा था भूसा

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले लोग सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने से घबराते थे. प्राइवेट स्तर पर इलाज कराने पर घर की महिलाओं के जेवर और पुश्तैनी जमीनें तक बिक जाती थीं लेकिन अब ऐसा नहीं होता है. ग्रामीण स्तर पर कुत्ता काटने के बाद बचाव के इंजेक्शन उपलब्ध हैं. पिछली सरकारों के कार्यकाल में अस्पतालों को तबेला बना दिया गया था. वहां मवेशी बांधे जाते थे और भूसा भरा रहता था.

एक वर्ष में खुले सर्वाधिक मेडिकल कॉलेज

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि इस समय 108 जनपदीय चिकित्सालय, 259 विशिष्ट चिकित्सालय, 972 सीएचसी, 3735 पीएचसी, 25774 स्वास्थ्य उपकेंद्र एवं 22681 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. पिछले वर्ष प्रदेश में 13 नए राजकीय मेडिकल कॉलेज और पीपीपी मोड के आधार पर तीन नए मेडिकल कॉलेज खोले गए. इतनी बड़ी संख्या में प्रदेश में कभी भी एक वर्ष में मेडिकल कॉलेज नहीं खुले हैं.

ईडीएल ड्रग लिस्ट के अनुसार दवाएं

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रदेश की सभी स्वास्थ्य इकाइयों में ईडीएल ड्रग लिस्ट के अनुसार दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. औसतन 280 दवाइयां, प्रत्येक जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं. उन्होंने जानकारी दी कि सरकार ने सेवा नियमावली में बदलाव कर विशेषज्ञ चिकत्सकों की सीधी भर्ती की है. वर्ष 2021 में 1031, वर्ष 2022 में 231 और वर्ष 2024 में 312 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति प्रदान की गई है. उन्होंने कहा कि नर्सों और फार्मासिस्टों की कमी नहीं है.

मरीजों को सीधे स्वास्थ्य लाभ

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि सरकार ने पहली बार जिला स्तर पर 22 हजार से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की स्थापना की है. जिनके माध्यम से दवाइयां, ओपीडी, टेली कंस्लटेशन और मूलभूत जांचों को उपलब्ध कराया जा रहा है. सीएचसी पर पहली बार ई रूपी वाउचर के माध्यम से अल्ट्रासाउंड की सुविधा प्रारंभ की गई है. अब तक 18 लाख महिलाओं को लाभ मिल चुका है. सभी 75 जनपदों में डायलिसिस की सुविधा और 72 जनपदों में सीटी स्कैन की सुविधा उपलब्ध है.

प्रदेश में बने 5.21 करोड़ आयुष्मान कार्ड

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित आयुष्मान जन आरोग्य योजना के तहत लोगों को पांच लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. प्रदेश में अब तक 5.21 करोड़ लोगों के आयुष्मान कार्ड बने हैं. 57 लाख से अधिक लोगों को निःशुल्क उपचार मिल चुका है, जिनमें नौ हजार करोड़ रुपए की धनराशि सरकार द्वारा वहन की गई है.

-भारत एक्सप्रेस



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