Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

अगस्ता वेस्टलैंड केस: क्या जेल से बाहर आएगा क्रिश्चियन मिशेल? दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

दिल्ली हाई कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड मामले के कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा है. मिशेल का दावा है कि वह 6 साल से अधिक समय जेल में बिता चुका है और अब रिहाई का हकदार है.

Delhi HC Michel Hearing
Edited by Vaibhav Gupta

दिल्ली हाई कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की ओर से दायर उस अर्जी पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविन्द्र दुडेजा की पीठ ने दोनों पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. जिसमें उन्होंने रिहाई की मांग की है.

अधिकतम सजा पहले ही हो चुकी पूरी

मामले की सुनवाई के दौरान मिशेल की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि जिन आरोपों के आधार पर उन्हें भारत लाया गया था, उनमें अधिकतम सजा की अवधि को वह पहले ही काट चुके है. इसलिए उन्हें रिहा किया जाए.

वहीं, सीबीआई, ईडी और केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने रिहाई की मांग का विरोध करते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की है. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने 4 मार्च को मिशेल को पांच लाख रुपए के निजी मुचलका और इतनी ही जमानत राशि पर जमानत मिल चुकी है.

6 साल की सजा के लिए 6 महीने की छूट

कोर्ट ने मिशेल को विशेष अदालत में अपना पासपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया था. मिशेल को सीबीआई मामले में 18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी. मिशेल की ओर से पेश वकील अल्जो जोसेफ ने कहा था कि कुल मिलाकर यह 6 साल और 5 महीने की सजा है.

मिशेल का कहना है कि संशोधन जेल नियमों के मुताबिक, मैं अच्छे आचरण के आधार पर छूट का पात्र हूं. मान लें कि मुझे दोषी ठहराया गया है, तो मुझे एक-एक महीने की छूट मिलेगी. यानी 6 साल की सजा के लिए 6 महीने.

मामले में कुल 60 आरोपी

सुप्रीम कोर्ट ने मिशेल को यह कहते हुए जमानत दे दिया था कि 25 वर्षों में मुकदमा पूरा नहीं हो सकता है.  मिशेल को 4 दिसंबर 2018 को गिरफ्तार किया गया था, जबकि प्राथमिकी 2013 में दर्ज की गई थी. इस मामले में कुल 60 आरोपी शामिल है. जिनमें से 21 ने न तो जांच में शामिल हुए है और न ही उन्हें आज तक ईडी द्वारा समन जारी किया गया है.

अभियोजन पक्ष की पहली शिकायत 24 नवंबर 2014 को दायर की गई थी. जबकि 21 नवंबर 2024 को 12 वी सप्लिमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया गया है. उसे दिसंबर 2018 में दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था और बाद में उसे सीबीआई तथा ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था.

ये भी पढ़ें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मॉफर्ड वीडियो सोशल मीडिया पर डालने वाले आरोपी को मिली जमानत

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital