Bharat Express DD Free Dish

‘अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो..’, Ahmedabad Plane Crash मामले में स्टूडेंट की याचिका देख SC ने दी हिदायत

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अहमदाबाद एयर इंडिया क्रैश (Ahmedabad Plane Accident) मामले में एक छात्र की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने छात्र को हिदायत दी कि वह “पढ़ाई पर ध्यान दें”. वहीं पायलट के 91 वर्षीय पिता द्वारा दायर याचिका में इस दुर्घटना की न्यायिक जांच की मांग की गई है.

Supreme Court on Air India Crash
Edited by Sahil Singh

सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद एयर इंडिया हादसा मामले में छात्र की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सरकार से जवाब दाखिल करने को कहा है. उसके बाद याचिकाकर्ता जवाबी हलफनामा दाखिल करेंगे. मामले की सुनवाई के दौरान छात्र की याचिका पर सुनवाई से इनकार करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि पढ़ाई पर ध्यान दें.

न्यायिक जांच जरूरी

वहीं याचिकाकर्ता की ओर से पेश प्रशांत भूषण ने कहा कि सरकार को पहली याचिका पर दो महीना पहले नोटिस जारी किया था, लेकिन सरकार ने अभी तक जवाब दाखिल नही किया है. जबकि सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि भूषण पैनिक फैलाना चाह रहे है. सुनवाई के दौरान भूषण ने कहा कि नियमों के अनुसार इस तरह की गंभीर दुर्घटनाओं की जांच सिर्फ एएआईबी जांच नही, बल्कि न्यायिक जांच भी जरूरी हैं.

कोर्ट में बहस

इसपर केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इसके लिए एक अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन है. आइसीएओ है. एक पूरी व्यवस्था बनी हुई है. जिन देश के लोग मरते है, उनके देश के अपने प्रतिनिधि जांच के लिए भेजते हैं. मैं पिता की भावनाओं को समझ सकता हूं. किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है. चूंकि कुछ गलतफहमियां हुई थी, इसलिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की. सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची ने टिप्पणी करते हुए कहा कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की जांच किसी पर दोषारोपण करने के लिए नहीं होती, बल्कि इसका उद्देश्य हादसे के कारणों को स्पष्ट करना होता है ताकि भविष्य में दोबारा इस तरह की घटनाएं न हो.

पायलट के पिता की याचिका

पायलट के 91 वर्षीय पिता की ओर से दायर याचिका में हादसे की निष्पक्ष, पारदर्शी जांच के लिए अदालत की निगरानी में एसआईटी जांच की मांग की है. दायर याचिका में कहा गया है कि सरकार द्वारा की गई प्रारंभिक जांच पक्षपातपूर्ण और तकनीकी रूप से त्रुटिपूर्ण है. जांच में पायलट की गलती बताया गया है, जबकि तकनीकी खराबियों को नजरअंदाज किया गया है. दायर याचिका में यह भी मांग की गई है कि AAIB द्वारा की गई सभी पहले की जांच को बंद कर दिया जाए. याचिका में दावा किया गया है कि AAIB के दो अधिकारियों ने यह आरोप लगाया था कि उनके बेटे ने उड़ान भरने के बाद इंजनों की ईंधन आपूर्ति बंद कर दी थी. एक ऐसा आरोप जिसका सरकार खंडन करती है. जांच बहुत साफ और बहुत गहन बताती है.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट मुंबई धारावी झुग्गी बस्ती पुनर्विकास परियोजना मामले में दिसंबर के पहले सप्ताह में करेगा सुनवाई

सभरवाल ने हालही में केंद्र सरकार को एक भावुक पत्र लिखा है. रिपोर्ट में एयरलाइंस को क्लीनचिट दे दी गई है तथा सारा दोष पायलट पर डाल दिया गया है. इसलिए उन्होंने मांग की है कि एएआईबी इस दुर्घटना की पूरी जांच रिपोर्ट जारी करें, जिसने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. उन्होंने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें आई है कि पायलट अवसाद में था और उसने जानबूझकर विमान किराया. उनका कहना है कि इन खबरों ने उनके बेटे की छवि खराब की है.

पूरा मामला क्या है?

बता दें कि अहमदाबाद एयरपोर्ट से विमान भरने के महज 5 मिनट बाद ही यह विमान शहर के मेघाणी नगर इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस विमान में 242 यात्री और 10 क्रू सदस्य सवार थे. इनमें 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और एक कनाडाई नागरिक था. अधिकत्तर शव बुरी तरह से झुलस चुके है. इनकी पहचान करना मुश्किल है. इस विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी के अलावा कई बिजनेस टायकून भी सवार थे. इनमें कार्गों मोटर के प्रमुख नंदा और ल्यूबी के डायरेक्टर सुभाष अमीन भी शामिल थे. विमान की कमान कैप्टन सुमित सभरवाल के पास थी और उसके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाईव कुंदर थे.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read