दिल्ली हाई कोर्ट से बाफना ग्लोबल वेंचर प्राइवेट लिमिटेड को अंतरिम राहत मिल गई है. कोर्ट ने एनसीइआरटी को कागज आपूर्ति करने वाली कंपनी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने पर फिलहाल रोक लगा दिया है. जस्टिस मिनी पुष्करणा ने अपने फैसले में कहा कि अगली सुनवाई तक कंपनी द्वारा जमा कराई गई 6.09 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी इनवोक करने की कोई कार्रवाई नही की जाएगी.
अदालत ने यह अंतरिम आदेश बाफना ग्लोबल वेंचर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है. कंपनी ने एनसीइआरटी के 22 जून 2026 के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसके तहत उसके साथ किया गया कागज आपूर्ति अनुबंध समाप्त कर दिया गया था, बैंक गारंटी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी और कंपनी को दो वर्षों के लिए एनसीइआरटी की खरीद प्रक्रियाओं में भाग लेने से रोक दिया गया था.
कंपनी की कानूनी कार्रवाई
यह मामला 1 दिसंबर 2025 को हुई गवर्नमेंट ई- मार्केटप्लेस (जीइएम) के एक अनुबंध से जुड़ा है. जिसके तहत बाफना ग्लोबल को एनसीइआरटी को कागज आपूर्ति करनी थी. अनुबंध खत्म किए गए के बाद कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और बैंक गारंटी भुनाने तथा ब्लैकलिस्टिंग जैसी कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की.
कंपनी की ओर से अदालत में दलील दी गई कि जब किसी अनुबंध से जुड़ा वास्तविक और बोना फाइड विवाद मौजूद हो, तो केवल उसी आधार पर ब्लैकलिस्टिंग जैसी कठोर कार्रवाई नहीं कि जानी चाहिए.
मामले की सुनवाई के दौरान एनसीइआरटी की तरफ से कोई पेश नही हुआ. इसके कोर्ट ने एनसीइआरटी को नोटिस जारी करते हुए एनसीइआरटी को चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा है. उसके बाद याचिकाकर्ता 2 सप्ताह में जवाबी हलफनामा दाखिल करेगा. कोर्ट 20 जुलाई को मामले में अगली सुनवाई करेगा.
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भारत एक्सप्रेस
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