दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म अभिनेत्री काजोल देवगन के व्यक्तित्व और डिजिटल छवि के अनधिकृत उपयोग को रोकने का आदेश दिया. अदालत ने अश्लील कंटेंट हटाने और AI/डीपफेक तकनीक के दुरुपयोग पर भी रोक लगाई. कोर्ट ने निजता, गरिमा और व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा पर जोर देते हुए संवैधानिक रूप से संरक्षित क्षेत्रों को सुरक्षित रखा. चलिए जानते है पूरा मामला:
कोर्ट का आदेश
जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने विभिन्न प्रतिवादियों को काजोल की छवि और उनके व्यावसायिक उत्पादों में बिना अनुमति उपयोग करने से रोक दिया. अदालत ने अश्लील और पोर्नोग्राफिक कंटेंट को हटाने का भी आदेश जारी किया. हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि AI या डीपफेक तकनीक के माध्यम से काजोल के नाम, छवि या व्यक्तित्व का अनधिकृत उपयोग नहीं किया जाएगा. अदालत ने डिजिटल उत्पादों, कृत्रिम आवाज क्लोनिंग और हेरफेर किए गए दृश्य के दुरुपयोग पर भी चिंता व्यक्त की.
पूर्ववर्ती आदेश और बड़ा रुख
कोर्ट ने कहा कि इस तरह की नकलें केवल प्रचार अधिकारों का उल्लंघन नहीं करती बल्कि व्यक्ति की गरिमा और निजता का हनन भी करती हैं. हालांकि न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि व्यंग्य, कलात्मक अभिव्यक्ति, समाचार रिपोर्टिंग और टिप्पणी जैसे संवैधानिक रूप से संरक्षित क्षेत्र प्रभावित नहीं होंगे. दिल्ली हाई कोर्ट पहले भी कई बड़ी हस्तियों- जैसे विवेक ओबेरॉय, सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, अजय देवगन, अक्षय कुमार, विराट कोहली आदि-के फोटो और व्यक्तित्व का बिना अनुमति इस्तेमाल न करने के आदेश दे चुकी है.
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-भारत एक्सप्रेस
Written By: Shubhra Rai (Intern)
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