Chhattisgarh liquor scam
Chhattisgarh liquor scam: छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा बड़ी कार्रवाई का अंजाम दिया गया है. छतीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कवासी लखमा और उससे जुड़े कुछ परिजनों के यहां ईडी छापेमारी की है. यह छापेमारी 7 जगहों की गई है. जिसमें छतीसगढ़ के पूर्व आबकारी मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कवासी लखमा के घर के अलावा सुकमा में छापेमारी की गई. उनके बेटे हरीश लखमा के घर सहित अन्य के यहां यह छापेमारी की गई है. इसके साथ ही नगर पालिका अध्यक्ष जगन्नाथ राजू साहू के घर पर भी छापेमारी की गई.
7 ठिकानों पर हुई छापेमारी
ईडी की टीम ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुशील ओझा के ठिकानों पर भी छापेमारी की है. जी. ई रोड़ की चौबे कॉलोनी स्थित सुशील ओझा के घर पर ईडी की टीम पहुची है. सुशील ओझा को पूर्व मंत्री कवासी लखमा का करीबी बताया जा रहा है. ईडी को कवासी लखमा के करीबी सुशील ओझा घर पर नही मिले है. उनकी पत्नी, भाई नौकर और ड्राइवर से ईडी के अधिकारी पूछताछ कर रहे हैं.
2200 करोड़ रुपये का शराब घोटाला
बात दे कि छत्तीसगढ़ में करीब 2200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में पूर्व मंत्री कवासी लखमा का नाम शामिल है. ईडी ने व्स घोटाले में पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी को मास्टरमाइंड बताया है. आरोप है कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी, तब यह घोटाला हुआ है.
जानें क्या है मामला
साल 2019 में कथित शराब घोटाला मामले में ईडी ने कई अधिकारियों और कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा था. इस मामले में ईडी ने छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग के अधिकारी, कांग्रेस नेता सहित अन्य से पूछताछ कर चुकी है. ईडी के मुताबिक यह 2000 करोड़ रुपए का यह कथित घोटाला है. मामले में कांग्रेस नेता के भाई अनवर ढेबर को घोटाले का किंगपिन बताया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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