बीआर गवई
रिपोर्टर\ आंचल तिवारी
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई तीन दिनों के लिए मुंबई के दौरे पर है ऐसे में कई कार्यक्रम में वह हिस्सा भी ले रहे हैं और लोगों के साथ अपने अनुभव को भी साझा कर रहे हैं. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई बॉम्बे हाई कोर्ट में आए थे. उनके स्वागत में बॉम्बे हाई कोर्ट के सभी जज और वकील मौजूद थे.
बॉम्बे बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में बेहद भावुक हो गए. उन्होंने अपने जीवन की कुछ निजी बातों को लोगों के सामने रखा और इस दौरान उन्हें पालने में उनके माता-पिता के द्वारा किए गए संघर्षों का भी जिक्र किया. बेहद इमोशनल और भरे हुए गले से CJI ने बताया कि किस तरह वह कानून के रास्ते में करियर बनाने के लिए आगे आए.
भारत के 52वें CJI गवई ने कहा, ‘मैं आर्किटेक्ट बनना चाहता था लेकिन मेरे पिता के मेरे लिए कुछ और ही सपने थे. वह हमेशा चाहते थे कि मैं वकील बनूं, एक ऐसा सपना जो वह खुद पूरा नहीं कर सके.’ CJI ने बताया कि अपने पिता की इच्छा पूरी करने के लिए उन्होंने आर्किटेक्ट बनने का सपना छोड़ दिया.
बॉम्बे हाई कोर्ट में उनको और उनकी पत्नी को सम्मानित भी किया गया इसके साथ ही उन्होंने BBA ऐप के बारे में भी बताया और सभी लोगों से इसको डाउनलोड करने की अपील की. उनके मौजूदगी में जजों ने उनके अब तक के सफर के बारे में बताया.
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