Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

NIA की FIR के आधार पर चेन्नई, कोयंबटूर, हैदराबाद और मुंबई में एक साथ कार्रवाई

Coimbatore Bomb Blast: कोयंबटूर बम धमाका मामले में ED ने NIA की FIR के आधार पर चेन्नई, कोयंबटूर, हैदराबाद और मुंबई में 16 ठिकानों पर छापेमारी की है. जांच में फर्जी वैक्सीन सर्टिफिकेट, कथित आतंकी फंडिंग और कोवई अरबी कॉलेज के जरिए कट्टरपंथीकरण के आरोपों की जांच की जा रही है.

Coimbatore Bomb Blast

Coimbatore Bomb Blast

Edited by Swati Pandey

Coimbatore Bomb Blast: कोयंबटूर बम धमाका मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आतंकी फंडिंग के कथित नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई करते हुए चार शहरों में 16 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है. चेन्नई, कोयंबटूर, हैदराबाद और मुंबई में चल रही यह कार्रवाई राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एफआईआर के आधार पर की जा रही है. ईडी संदिग्ध वित्तीय लेन-देन और आतंकी गतिविधियों के लिए जुटाए गए धन की जांच कर रही है.

2022 के आत्मघाती विस्फोट से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला वर्ष 2022 में तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित संगमेश्वरर मंदिर के पास हुए आत्मघाती कार बम विस्फोट से जुड़ा है. जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले को आत्मघाती हमलावर जेमेशा मुबीन और उसके साथियों ने कथित तौर पर ISIS से प्रेरित आतंकी साजिश के तहत अंजाम दिया था. विस्फोट में विस्फोटकों से लदी एक संशोधित मारुति कार का इस्तेमाल किया गया था. एनआईए पहले ही इस मामले में कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.

फर्जी वैक्सीन सर्टिफिकेट और कथित दान से जुटाया गया फंड

ईडी की जांच में दावा किया गया है कि आरोपियों ने आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने के दो प्रमुख तरीके अपनाए. एजेंसी के अनुसार, कोविड-19 महामारी के दौरान फर्जी वैक्सीन सर्टिफिकेट बनाकर लोगों से पैसे वसूले गए. इसके अलावा, कोवई अरबी कॉलेज के नाम पर दान और कथित फर्जी निवेश योजनाओं के जरिए भी बड़ी मात्रा में धन इकट्ठा किया गया, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किए जाने की आशंका है.

कट्टरपंथीकरण में कॉलेज की भूमिका की भी जांच

जांच एजेंसी का दावा है कि कोवई अरबी कॉलेज युवाओं के कथित कट्टरपंथीकरण का एक माध्यम भी बना. जांच में सामने आया है कि बम धमाका मामले के 12 आरोपी, जिनमें आत्मघाती हमलावर जेमेशा मुबीन भी शामिल था, कॉलेज के ऑनलाइन या ऑफलाइन सत्रों में शामिल हुए थे. ईडी के अनुसार, कॉलेज के प्रमोटर जमील बाशा ने कथित तौर पर इन युवकों को सलाफी-जिहादी विचारधारा से प्रभावित किया, जिसके बाद उन्होंने प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS के समर्थन में कोयंबटूर बम धमाके की साजिश रची.

यह भी पढ़ें: अफसरों की लग्जरी पर लकीर: क्या है केंद्र की वन ऑफिसर-वन कार पॉलिसी?

तलाशी जारी, साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

फिलहाल ईडी की तलाशी और दस्तावेजों की जांच जारी है. एजेंसी डिजिटल डिवाइस, बैंकिंग रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की भी पड़ताल कर रही है. ईडी का कहना है कि छापेमारी के दौरान मिले सबूतों और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital