चेक बाउंस से जुड़े बहुचर्चित मामले में दोषसिद्धि के बाद बॉलीवुड के मशहूर हास्य अभिनेता राजपाल यादव ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए सरेंडर के आदेश को चुनौती देते हुए अभिनेता ने शीर्ष अदालत में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है.
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए संबंधित पक्ष (मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है. अदालत अब इस याचिका पर 15 सितंबर को अगली सुनवाई करेगी. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को बड़ी राहत की शर्त देते हुए निर्देश दिया है कि वे कल तक सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपये जमा कराएं. अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि वे यह धनराशि जमा कर देते हैं, तो उन्हें फिलहाल जेल नहीं जाना पड़ेगा.
हाई कोर्ट ने 10 सितंबर तक दिया था सरेंडर का आदेश
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने राजपाल यादव की दोषसिद्धि को बरकरार रखा था और उन्हें 10 सितंबर तक सरेंडर करने का कड़ा निर्देश दिया था. हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद 2 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि केवल अभिनेता या फिल्मी हस्ती होने के आधार पर कानून में किसी को विशेष रियायत नहीं दी जा सकती. हाई कोर्ट ने राजपाल यादव के खिलाफ दर्ज सभी 7 मामलों में उन्हें 3-3 महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी (जो एक साथ चलनी थी) और प्रत्येक मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था. साथ ही उनकी पत्नी राधा राजपाल यादव पर भी प्रत्येक मामले में 5-5 लाख रुपये का जुर्माना तय किया गया था.
2010 में फिल्म ‘अता पता लापता’ से जुड़ा है विवाद
यह पूरा कानूनी विवाद वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपने निर्देशन में बनी पहली हिंदी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. समय पर भुगतान न होने और ब्याज जुड़ने के कारण यह देनदारी बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है.
अभिनेता अब तक कंपनी को 4 करोड़ 25 लाख रुपये का भुगतान कर चुके हैं. हालांकि शेष राशि और जुर्माने को लेकर विवाद अदालतों में खिंचता रहा.
भावुक अपील के बाद सामने आए थे मददगार, CMD उपेन्द्र राय ने भी दी थी सहायता
हाई कोर्ट के कड़े रुख के बाद राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा कर कहा था कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और उनके पास जेल जाने के अलावा कोई अन्य रास्ता नहीं बचा है.
उनकी इस संकट की घड़ी में कई लोगों ने मानवीय आधार पर मदद का हाथ बढ़ाया. इसी क्रम में भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक उपेन्द्र राय ने भी संवेदनशीलता दिखाते हुए राजपाल यादव को 25 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता प्रदान की थी.
अब सभी की निगाहें कल रजिस्ट्री में जमा होने वाली राशि और 15 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अहम सुनवाई पर टिकी हैं.
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