प्रतीकात्मक तस्वीर.
पाकिस्तान के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार सीआरपीएफ जवान मोती राम जाट को रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद एनआईए ने पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया. कोर्ट ने एनआईए की मांग पर मोती राम जाट की रिमांड की अवधि को 10 दिन के लिए बढ़ा दिया है. एनआईए के स्पेशल जज चंद्रजीत सिंह की अदालत ने यह आदेश दिया है.
मामले की सुनवाई के दौरान एनआईए ने कहा कि जांच के दौरान बरामद इलेक्ट्रॉनिक डेटा के आधार पर आरोपी से आगे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है. इससे पहले अधिकारियों ने बताया था कि आरोपी मोती राम जाट जासूसी गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल था और 2023 से राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गोपनीय जानकारी पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों को पहुचा रहा था. एजेंसी ने बताया कि आरोपी ने पाकिस्तान के कई अधिकारियों को.देश की महत्वपूर्ण और गोपनीय जानकारी शेयर की है. इन जानकारियों से देश को खतरा हो सकता है.
डिजिटल वॉलेट और हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल
शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि यह देशद्रोही गतिविधि वह 2023 से अंजाम दे रहा था. एनआईए जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि मोती राम जाट को पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों की तरफ से कई अलग-अलग तरीकों से पैसा भेजे गए थे. पैसों का लेनदेन डिजिटल वॉलेट, हवाला नेटवर्क आदि से हुआ.
जानकारी के अनुसार इस केस से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है. ये जांच केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, बिहार आदि राज्यों में भी चल रही है. एनआईए की टीम इस बात का पता लगाने में भी जुटी हुई है कि क्या कोई अन्य सुरक्षाकर्मी भी इस तरह की गतिविधि में शामिल है.
हाल ही में जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत और ऑपरेशन सिंदूर के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड़ में हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद.देशभर में जासूसी नेटवर्क के खिलाफ केंद्र सरकार के आदेश पर कार्रवाई हो रही है.
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-भारत एक्सप्रेस
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