साल 2016 से गोवा में रह रहे पाकिस्तानी नागरिक ने केंद्र सरकार के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. पहलगाम हमले के बाद केंद्र सरकार द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द करने की अधिसूचना के खिलाफ दायर की गई है. जस्टिस संजय करोल और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने मामले को सूचीबद्ध करने को कहा है.
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि 27 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए वीजा को रद्द कर दिया गया है. जिसपर कोर्ट ने कहा तो वापस चले जाओ. जिसका जवाब देते हुए वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता वापस जाने को तैयार है, लेकिन उसके वीजा में एक विशेष शर्त है, इसलिए उसने अनुरोध किया है कि इस मामले की सुनवाई की जाए. कोर्ट को यह भी बताया कि याचिकाकर्ता का जन्म भारत में हुआ है और वह लंबे समय से यहां रह रहा है.
केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द किए
कोर्ट ने याचिकककर्ता से पूछा कि संबंधित हाई कोर्ट क्यों नही गए. उसने कहा कि याचिकाकर्ता के पुलिस आई थी, इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादा तक पर्यटक थे. बता दें कि ऐसा नही है कि इस तरह की याचिका पहली बार आया है.
इससे पहले भी पहलगाम हमले के बाद सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने छह कथित पाकिस्तानी नागरिकों को वापस भेजने पर रोक लगा रखा है. याचिकाकर्ता ने दावा किया था कि वे भारतीय हैं. उनके पास भारतीय नागरिकता को प्रमाणित करने वाले कई दस्तावेज मौजूद हैं, जिनमें भारतीय पासपोर्ट, आधारकार्ड शामिल है.
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-भारत एक्सप्रेस
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