दिल्ली लाल किला कार ब्लास्ट मामले में गिरफ्तार दानिश को पटियाला हाउस कोर्ट के एनआईए कोर्ट ने 10 दिनों के लिए एनआईए रिमांड पर भेज दिया हैं. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चंदना ने यह आदेश दिया है.
ड्रोन को किया गया मॉडिफाई
जासिर बिलाल वानी उर्फ दानिश कश्मीर का निवासी है और एनआईए टीम ने उसे जम्मू कश्मीर के श्रीनगर से गिरफ्तार किया हैं. वह उमर का खास साथी बताया जा रहा है. उसने ड्रोन को मॉडिफाई करने और रॉकेट बनाने में तकनीकी मदद की थी. यह मॉड्यूल भीड़भाड़ वाली जगहों पर बम विस्फोट करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने की योजना बना रहा था, जो हमास और आईएस जैसे आतंकी संगठनों की ओर से सीरिया, इराक, इजरायल ऑफ अफगानिस्तान में अपनाए जाने वाले मॉडल जैसा था. आरोप है कि जासिर आतंकी वारदातों के लिए तकनीकी मदद देता था.
आमिर के नाम से ही रजिस्टर्ड थी कार
जांच में पता चला है कि जासिर ने धमाका करने वाले आतंकी उमर नबी के साथ मिलकर इस हमले की तैयारी में था. उसने यह काम घातक कार बम धमाके से पहले करके आतंकी हमले के लिए तकनीकी मदद मुहैया कराई थी. लाल किला के पास हुए भीषण धमाके में 15 लोगों की मौत हो चुकी है. हमले में 32 लोग घायल हो गए थे. इससे पहले कोर्ट ने आमिर अली को 10 दिन की एनआईए रिमांड पर भेज दिया था. धमाके के अंजाम देने में इस्तेमाल की गई आई 20 कार आमिर के नाम से ही रजिस्टर्ड थी.
एनआईए की बड़ी कामयाबी
एनआईए ने दिल्ली पुलिस से मामले को अपने हाथ में लेकर जांच शुरू की है. एनआईए की यह पहली बड़ी कामयाबी है. आमिर राशिद जम्मू कश्मीर के पंपोर का रहने वाला है. एनआईए जांच में पता चला कि आमिर ने हमलावर डॉक्टर उमर नबी के साथ मिलकर लाल किला में हुए धमाके की साजिश रची थी.
जांच में यह भी पता चला है कि आमिर राशिद i20 कार की खरीद में मदद करने के लिए दिल्ली आया था. जम्मू कश्मीर पुलिस के.सूत्रों की माने तो उमर के घर हुई छापेमारी में डिजिटल उपकरण और एक संदिग्ध मोबाइल फोन बरामद किया गया हैं. बताया जा रहा है कि इसे उमर ने अपने आखिरी कश्मीर दौरे के दौरान आमिर को सौंपा था, जिसने आगे उसे उसकी (उमर की) मां तक पहुचाया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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