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AI समिट में प्रदर्शन मामला: पटियाला हाउस कोर्ट से 4 आरोपियों को मिली बड़ी राहत, अदालत ने दी जमानत

Delhi AI Summit Protest: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने AI समिट के दौरान प्रदर्शन करने वाले चार आरोपियों को जमानत दे दी है. पुलिस ने विरोध करते हुए कहा कि विदेशी मेहमानों की मौजूदगी में जानबूझकर हंगामा किया गया.

Patiala House Court
Edited by Sahil Singh

Delhi AI Summit Protest: राजधानी दिल्ली में आयोजित एआई (AI) समिट के दौरान कथित शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार चार आरोपियों को पटियाला हाउस कोर्ट से राहत मिल गई है. अदालत ने दिव्यांश गिरधर, भूदेव शर्मा और कुबेर मीणा को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानती बॉन्ड पर जमानत दे दी है. वहीं इसी मामले में आरोपी उमेश चंद्र पडाला को अदालत ने अग्रिम जमानत दी है.

यूथ कांग्रेस अध्यक्ष को भी मिली थी जमानत

इससे पहले इसी प्रकरण में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानू चिब सहित 10 अन्य आरोपियों को भी अदालत से जमानत मिल चुकी है. अदालत में दिव्यांश गिरधर की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था.

पुलिस ने जमानत खारिज करने कि मांग की

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि आरोपी की पिछली जमानत अर्जी ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने 27 फरवरी 2026 के आदेश से पहले ही खारिज कर दी थी. पुलिस का कहना था कि आरोपी के वकील ने नई जमानत याचिका दाखिल करते समय इस तथ्य का उल्लेख नहीं किया, जो अदालत के सामने पूरी जानकारी नहीं रखने जैसा है. इस आधार पर पुलिस ने जमानत अर्जी खारिज करने की मांग की थी.

पुलिस ने अदालत को यह भी बताया कि एआई समिट के दौरान कई विदेशी मेहमान मौजूद थे और ऐसे संवेदनशील कार्यक्रम के दौरान जानबूझकर प्रदर्शन किया गया. पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर समेत अन्य निर्धारित स्थान उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम स्थल के पास विरोध प्रदर्शन किया गया. पुलिस ने यह भी दावा किया कि इस दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए थे. पुलिस का तर्क था कि संविधान प्रदर्शन का अधिकार देता है, लेकिन इसके लिए कुछ नियम और शर्तें भी निर्धारित हैं, जिनका पालन किया जाना जरूरी है.


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दूसरे पक्ष के वकील ने क्या कहा?

वहीं, आरोपियों की ओर से पेश वकील ने अदालत में दलील देते हुए कहा कि आरोपियों पर जिन धाराओं में मामला दर्ज है, उनमें अधिकतम सजा पांच साल से कम है. उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस इन आरोपियों से नौ दिनों तक पूछताछ कर चुकी है, ऐसे में उन्हें आगे हिरासत में रखने का कोई उचित नहीं बनता.

बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि आरोपियों के देश छोड़कर भागने की कोई आशंका नहीं है और न ही वे सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं. सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों को जमानत देने का आदेश दिया.

-भारत एक्सप्रेस



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