दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं की वजह से एक पाकिस्तानी महिला की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है. शीना नाज ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जो पाकिस्तान की रहने वाली है. दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद शीना नाज सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है. शीना नाज ने अपनी याचिका में इंडिया में लॉन्ग टर्म वीजा के लिए किए गए आवेदन पर दोबारा विचार करने का निर्देश देने की मांग की थी.
जस्टिस सचिन दत्ता की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं की वजह से इस मामले में वो हस्तक्षेप नहीं कर सकता है. कोर्ट ने कहा कि 27 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के केंद्र सरकार के फैसले की न्यायिक समीक्षा की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से जुड़ा है. कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार के आदेश में कोई अपवाद बनाना कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में नहीं है.
राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के चलते कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इंकार
कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 3(1) के तहत जारी किया गया उपरोक्त आदेश किसी न्यायिक समीक्षा की मांग नही करता. बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिसके बाद भारत सरकार ने विदेशी अधिनियम 1946 की धारा 3 (1) के तहत पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए वीजा सेवाओं को तत्काल निलंबित करने का निर्णय लिया है.
वहीं केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 27 अप्रैल 2025 से चिकित्सा, दीर्घकालिक, राजनयिक और आधिकारिक वीजा छोड़कर, पाकिस्तानी नागरिकों को जारी सभी मौजूदा वैध वीजा रद्द कर दिए गए हैं.
यह आदेश पाकिस्तानी नागरिकों को जारी दीर्घकालिक वीजा और राजनयिक और आधिकारिक वीजा पर लागू नहीं होगा. पाकिस्तानी नागरिकों को जारी चिकित्सा वीजा केवल 29 अप्रैल 2025 तक ही मान्य रहेगा और अब से की नया विज जारी नहीं किया जाएगा. इसी को ध्यान में रखते हुए शीना नाज ने यह याचिका दायर किया था.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

