दिल्ली हाईकोर्ट ने मानवाधिकार कार्यकर्ता और ‘एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स’ (APCR) के राष्ट्रीय सचिव नदीम खान द्वारा दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि इस मामले पर आगामी 12 अक्टूबर को सुनवाई की जाएगी.
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
नदीम खान की ओर से पेश वकील शाहरुख खान ने अदालत को अवगत कराया कि याचिकाकर्ता एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और वे किसी विरोध प्रदर्शन की योजना नहीं बना रहे हैं. वकील ने कहा कि नदीम खान आज ही कोलकाता की यात्रा करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें आशंका है कि उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या नजरबंद किया जा सकता है.
अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से सवाल किया कि आखिर उन्हें यात्रा करने से किसने रोका है और क्या इस संबंध में उनके पास कोई लिखित सूचना या आदेश है? कोर्ट ने कहा कि वे इस मामले पर सोमवार (12 अक्टूबर) को सुनवाई करेंगे.
मामले की पृष्ठभूमि और एफआईआर
इससे पहले दिसंबर 2024 में हाईकोर्ट ने नदीम खान को राहत देते हुए उन्हें जांच में सहयोग करने और शामिल होने का आदेश दिया था. साथ ही, अदालत ने यह भी निर्देश दिया था कि नदीम खान जांच अधिकारी (IO) की पूर्व अनुमति के बिना दिल्ली नहीं छोड़ेंगे.
एफआईआर रद्द करने की मांग
नदीम खान ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रखी है. दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा उनका एक वीडियो वायरल किया गया था, जो एक प्रदर्शनी से जुड़ा हुआ था. इस प्रदर्शनी में हेट क्राइम (नफरती अपराध) और हेट स्पीच के कारण प्रताड़ित होने वाले लोगों की घटनाओं को दर्शाया गया था.
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आरोप है कि गत 30 नवंबर की शाम करीब 5 बजे दिल्ली के शाहीन बाग पुलिस स्टेशन के एसएचओ सहित चार पुलिसकर्मी बेंगलुरु में नदीम खान के भाई के निजी आवास पर पहुंचे थे, जहां नदीम अपने परिवार के साथ मौजूद थे. आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी वारंट या नोटिस के उन्हें जबरन हिरासत में लेने का प्रयास किया था, जिसके बाद यह पूरा कानूनी विवाद सामने आया.
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