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समीर वानखेड़े की बढ़ी मुश्किलें? दिल्ली हाई कोर्ट ने कैट को दिया अनुशासनात्मक कार्यवाही पर अंतिम निर्णय का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने CAT को समीर वानखेड़े के खिलाफ कथित रिश्वत मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला करने का निर्देश दिया है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) से कॉड्रेलिया क्रूज रेड के आरोपी से रिश्वत लेने के मामले में समीर वानखेड़े के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई पर फैसला करने को कहा है. जस्टिस अनिल क्षत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की पीठ ने यह निर्देश दिया है. कोर्ट 14 जनवरी को अंतिम सुनवाई करेगा.

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई ने एक रेगुलर केस दर्ज किया था. मुख्य आरोपी यह है कि कॉड्रेलिया क्रूज केस में आरोपी से रिश्वत मांगी गई थी. इन आरोपों के आधार पर बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसने निर्देश दिया कि कोई भी जबरदस्ती वाली कार्रवाई नहीं कि जाएगी.

CAT के फैसले पर उठा संवैधानिक सवाल

मामले की सुनवाई के दौरान एक ट्रांसक्रिप्ट कोर्ट ने रिकॉर्ड पर लाया है. कोर्ट ने कहा कि मेरिट के आधार पर कोई कमेंट नहीं करेंगे. हम विवादित आदेश के बारे में बहुत कुछ कह सकते हैं, लेकिन हम नहीं कहेंगे. याचिका के जरिए केंद्र सरकार कैट द्वारा 27 अगस्त 2025 को दिए गए एक अंतरिम आदेश की वैधता को चुनौती दी है. जिसमें प्रतिवादी के खिलाफ आगे की अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक लगा दी गई थी.

याचिकाकर्ता का कहना है कि ट्रिब्यूनल ने बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा पारित एक अंतरिम आदेश के आधार पर अनुशासनात्मक कार्यवाही पर रोक लगाकर गलती की है. जबकि प्रतिवादी के वकील ने ट्रिब्यूनल से मामले पर अंतिम फैसला करने का अनुरोध किया है. कोर्ट ने निर्देश देते हुए कहा कि याचिका सभी पक्षों की सहमति के बाद निपटारा कर दिया गया है. समीर वानखेड़े 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं, जो 2021 में एनसीबी मुंबई में तैनात थे. वे उस समय चर्चा में आए थे जब क्रूज ड्रग्स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को फंसाने की धमकी देकर उनके परिवार से 25 करोड़ रुपए मांगने के आरोप लगे थे.

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-भारत एक्सप्रेस



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