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SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ पर मचेगा घमासान! सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को नोटिस भेज मांगा जवाब

SC/ST आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ यानी संपन्न वर्ग को बाहर करने की मांग अब और तेज हो गई है. सुप्रीम कोर्ट ने इस संवेदनशील मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा है

Supreme Court issued notices to Centre and states
Edited by Vaibhav Gupta

सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिलों में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के निर्धारित आरक्षण आय के आधार (क्रीमी लेयर) को हटाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों से जवाब देने को कहा है.

क्रीमी लेयर को लाभ नहीं मिले

यह याचिका अश्विनी कुमार उपाध्याय की ओर से दायर की गई है. दायर याचिका में मांग की गई है कि क्रीमी लेयर को एससी/एसटी आरक्षण का लाभ नहीं मिले, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट निर्देश जारी करें. दायर याचिका में कहा गया है कि आजादी से चली आ रही आरक्षण व्यवस्था का फायदा SC/ST समुदायों के भीतर एक सीमित वर्ग जो कि सशक्त है, उस तक सिमट गया है.

दलील दी गई है कि एससी/एसटी वर्ग के आर्थिक रूप से बेहद पिछड़े लोग अब भी हाशिये पर हैं. उन्होंने अब तक आरक्षण का ज्यादा लाभ नहीं सका है. इसलिए आरक्षण के लाभ में उन लोगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए जो इसी समाज के तो हैं, लेकिन आर्थिक रूप से सबसे ज्यादा पिछड़े है.

वंचित लोगों को आरक्षण का लाभ सीमित

याचिका में ये भी कहा गया है कि हालांकि आरक्षण का ढांचा शुरू में ऐतिहासिक रूप से वंचित समुदायों के उत्थान के लिए शुरू किया गया था, वर्तमान प्रणाली इन समूहों के अपेक्षाकृत समृद्ध आर्थिक स्तर और उच्च सामाजिक स्थिति वाले पृष्ठभूमि के लोगों को असमान रूप से लाभान्वित करती है. इससे आर्थिक रूप से सबसे वंचित लोगों को आरक्षण का लाभ सीमित हो जाता है.

इसी तरीके की एक याचिका रामाशंकर प्रजापति ने दायर कर रखी है. उनकी ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि एससी/एसटी वर्ग के अमीर लोग को आरक्षण का फायदा मिल रहा है. जबकि गरीब वर्ग वंचित है.

9 अगस्त 2024 में केंद्र सरकार ने साफ किया था कि एससी/एसटी आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं होगा. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया था कि केंद्र सरकार भारतीय संविधान के अनुसार बंधी है और इससे एससी/एसटी के लिए क्रीमी लेयर का कोई प्रावधान नहीं है.

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-भारत एक्सप्रेस



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