Delhi News: दिल्ली के सदर बाजार के अनाज मंडी क्षेत्र में 8 दिसंबर 2019 को एक इमारत में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 45 लोगों की मौत हो गई थी. मरने वालों में अधिकतर मजदूर थे. इस मामले में इमारत के मालिक मोहम्मद इमरान के खिलाफ आरोप तय करने के निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दायर याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने खारिज कर दिया है.
हाईकोर्ट का आदेश
जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने अपने आदेश में कहा कि अभियुक्त मोहम्मद इमरान अवैध रूप से बने चौथी मंजिल के एक हिस्से के साथ इमारत की छत पर बने स्टोररूम का भी मालिक था. उन्होंने कहा कि उसकी इमारत में रोजाना जाना, अन्य मंजिलों के स्वामित्व, पैसा कमाने के लिए परिसर के कुछ हिस्सों को किराए पर देने में उसकी भूमिका व आग लगने की पूर्व घटना के बावजूद इमारत की खामियों को दूर न करना ये सभी उसकी सक्रिय भागीदारी तथा उसकी जिम्मेदारियों की ओर इशारा करते हैं.
इमारत की खामियां
अदालत (Delhi High Court) ने कहा कि अधिकारियों से मंजूरी के बिना इसका उपयोग व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था. अभियुक्त इमरान अन्य आरोपियों के साथ इमारत में रहने और काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण के प्रति पूरी तरह से उदासीन था. जांच से पता चला है कि सीढ़ियां पूरी तरह से जाम थी जिसपर ज्वलनशील पदार्थ थे. इससे बचने का रास्ता मुश्किल हो गया था. पूरी इमारत की बिजली की तारे जर्जर और खराब रखरखाव वाली स्थिति में थी. वहां अग्निशमन उपकरण का अभाव था. कोर्ट ने कहा कि इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.
यह भी पढ़िए: दंगे की आग में झुलसता बांग्लादेश! Dhaka Plane Crash को लेकर हो रहे प्रदर्शन को यूनुस सरकार ने कुचला
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.



