दिल्ली हाई कोर्ट से गायक कुमार सानू को राहत मिल गई है. कोर्ट ने कहा कि वह कुमार सानू के व्यक्तित्व अधिकार की रक्षा की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के बाद सोशल मीडिया से कुमार सानू के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो को हटाने का आदेश दिया है. जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने यह आदेश दिया है. कोर्ट 30 मार्च 2026 को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
मामले की सुनवाई के दौरान सानू के वकील ने कथित अपमानजनक यूआरएल की एक सूची रिकॉर्ड पर रखी है. मामले की सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि कुमार सानू ने 34 यूआरएल की सूची सौंपी थी, जिन्हें हटा दिया गया है. इससे पहले फेसबुक और इंस्टाग्राम के मालिक मेटा प्लेटफॉर्म्स के वकील ने कहा था कि वे यूआरएल की समीक्षा कर यह तय करेंगे की किन्हें हटाया जाएगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि मीडिएटर जो हटा सकता है, उसे हटाए. अगर मीडिएटर के पास कोई शिकायत आती है, तो आपको नियमों के अनुसार कार्रवाई करनी होगी.
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी जरूरी
कुमार सानू ने दायर याचिका में अपने नाम, आवाज, गायन शैली और तकनीक, चित्र, हस्ताक्षर और प्रचार अधिकारों की सुरक्षा की मांग की है. दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि तीसरे पक्ष द्वारा गायक का नाम, आवाज, समानता और व्यक्तित्व का अनधिकृत या बिना लाइसेंस इस्तेमाल किया जा रहा हैं, जिससे जनता में भ्रम और धोखा फैलने का खतरा है. कुमार सानू ने कॉपीराइट अधिनियम के तहत अपने प्रदर्शन में प्रदत नैतिक अधिकारों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया है.
हाल ही में फिल्म निर्माता निर्देशक करण जौहर, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, तेलगु अभिनेता अक्कीनेनी नागार्जुन, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक रविशंकर ने भी अपने व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों की रक्षा का अनुरोध करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था और अदालत उन्हें अंतरिम राहत प्रदान की थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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