TMC प्रवक्ता साकेत गोखले
दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व राजनयिक लक्ष्मी मुर्देर पुरी की मानहानि के मामले में तृणमूल कांग्रेस सांसद साकेत गोखले को नोटिस जारी कर पूछा कि उन्हें पुरी के खिलाफ अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए माफ़ी न मांगने पर क्यों न जेल भेज दिया जाए.
कोर्ट ने पिछले साल आपत्तिजनक ट्वीट के लिए गोखले को दोषी ठहराया था और उनसे एक अंग्रेजी अखबार में माफीनामा छपवाने तथा 50 लाख मुआवजा देने का निर्देश दिया था. जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने सुनवाई के दौरान गोखले के निर्देशों का पालन न करने पर कड़ा रु ख अपनाया. उन्होंने कहा कि वे अदालत का मजाक उड़ा रहे हैं. उसके साथ ही गोखले को नागरिक प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के प्रावधानों के तहत नोटिस जारी किया.
न्यायमूर्ति ने कहा कि गोखले के आदेशों का पालन न करने और अनुपालन के लिए विस्तारित समयसीमा के रु ख से ऐसा लगता है कि वह अदालत व इसकी प्रक्रिया का मजाक उड़ा रहे हैं. कोर्ट 3 सितंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
संयुक्त राष्ट्र में पूर्व सहायक महासचिव पुरी ने वर्ष 2021 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि जिनेवा में उनके एक अपार्टमेंट को लेकर उनके वित्तीय मामलों के बारे में गोखले ने बेबुनियाद और झूठे आरोप लगाकर उनकी साख को बट्टा लगाया है.
कोर्ट ने पुरी की मानहानि मुकदमे में 1 जुलाई, 2024 को आदेश पारित कर तृणमूल कांग्रेस सांसद के सोशल मीडिया या इलेक्ट्रानिक मीडिया पर कोई भी सामग्री प्रकाशित करने पर रोक लगा दी थी.
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