Nishikant Dubey Defamation Case: झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा दायर मानहानि याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग दोनों को बड़ा झटका लगा है. सुनवाई के दौरान जब अदालत ने आपत्तिजनक सामग्री न हटाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तो मोइत्रा और गर्ग दोनों ने विवादित सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों को हटाने का भरोसा दिया है.
‘असंयमित और अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं’
मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस तुषार राव गेडेला ने निशिकांत दुबे की याचिका पर महुआ मोइत्रा और सुभाष गर्ग को औपचारिक समन जारी किया. सुनवाई के दौरान अदालत ने बीजेपी सांसद के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा पर सख्त नाराजगी जाहिर की और इसे “असंयमित और बिल्कुल अपमानजनक” करार दिया.
महुआ मोइत्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में निशिकांत दुबे के खिलाफ ‘फर्जी डिग्री’ वाली टिप्पणी की थी. वहीं, पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग पर एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान दुबे को ‘ब्लैकमेलर’ कहने का आरोप है. कोर्ट ने इस चरित्र-हनन पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में किसी भी व्यक्ति के खिलाफ ‘ब्लैकमेलर’ जैसे तीखे और मानहानिकारक शब्दों का इस्तेमाल बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है.
पॉडकास्ट एडिट करने और पोस्ट डिलीट करने पर बनी
कोर्ट के रुख को देखते हुए महुआ मोइत्रा ने अपने एक्स (ट्विटर) हैंडल से आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की बात कही. दूसरी तरफ, सुभाष गर्ग ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि वह संबंधित पॉडकास्टर से संपर्क करके यूट्यूब व अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से वीडियो के उस हिस्से को हटवाएंगे या ब्लॉक करवाएंगे.
आपको बता दें कि निशिकांत दुबे ने 17 सितंबर को प्रसारित हुए इस इंटरव्यू के खिलाफ 21 सितंबर 2026 को सुभाष गर्ग को कानूनी नोटिस भी भेजा था. फिलहाल अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए समन जारी कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
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-भारत एक्सप्रेस
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