दिल्ली हाईकोर्ट.
दिल्ली हाईकोर्ट ने डिजियल न्यूज ‘न्यूजलॉन्ड्री’ की नौ महिला पत्रकारों के खिलाफ कथित रूप से ऑनलाइन अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा के प्रति नाराजगी जताई. न्यायमूर्ति पुरूषेन्द्र कुमार कौरव ने उनसे पांच घंटे के भीतर विवादित पोस्ट हटाने को कहा.
जस्टिस ने कहा कि सभ्य समाज में इस तरह की अपमानजनक भाषा स्वीकार्य नहीं है. पहले आप पोस्ट हटाइए, फिर हम आपकी बात सुनेंगे. कोर्ट 26 मई को अगली सुनवाई करेगा.
अय्यर के वकील जय अनंत देहाद्रई ने कहा कि एक भी ट्वीट व्यक्तिगत रूप से पत्रकारों के नाम पर नहीं है. इससे असहमत होते हुए जस्टिस ने कहा कि अगर आप वह निष्कर्ष चाहते हैं, तो मुझे कहने दें. वे सीधे वादी के लिए कहे गए लगते हैं.
देहाद्राय ने तब दलील दी कि न्यूज़लॉन्ड्री एक समाचार पत्र नहीं है. जैसा कि वे दावा करते हैं. अय्यर ने संगठन की आय के संदिग्ध स्त्रोतों के बारे में ट्वीट किए हैं. न्यायमूर्ति ने फिर उनसे विवादित ट्वीट हटाने को कहा.
कोर्ट ने यह निर्देश न्यूजलॉन्ड्री के साथ काम करने वाली नौ महिला पत्रकारों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया. पत्रकारों ने एक्स पर मित्रा के अपमानजनक, झूठे, दुर्भावनापूर्ण और निराधार आरोपों को लेकर दो करोड़ रुपए हर्जाना दिलाने की मांग की है. इसको लेकर याचिका दाखिल की है.
याचिका में कहा गया है कि मित्रा ने महिला पत्रकारों के साथ उनके संगठन के खिलाफ भी अपमानजनक शब्दों और गालियों का इस्तेमाल किया है. मित्रा के वकील ने कहा कि पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्द सही नहीं है. उन्होंने पोस्ट हटाने पर सहमति जताई.
-भारत एक्सप्रेस
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