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दिल्ली के तैमूर नगर में बने अवैध निर्माण को गिराने का दिल्ली हाई कोर्ट ने दिया आदेश

दिल्ली हाई कोर्ट ने डीडीए को निर्देश दिया है कि तैमूर नगर नाले पर बने अवैध निर्माण को 5 मई से गिराना शुरू किया जाए और सफाई कार्य को तेजी से पूरा किया जाए. कोर्ट ने 18 मई तक संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट मांगी है.

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Edited by Akansha

दिल्ली हाई कोर्ट ने डीडीए को निर्देश दिया है कि वह दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के तैमूर नगर नाले के जीणोद्धार में बाधा डाल रहे अवैध निर्माण को 5 मई से गिराना शुरू करें. जस्टिस प्रतिबा मनिंदर सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने अधिकारियों को नाले की सफाई एवं कचरा साफ करने के काम को भी तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है.

नाले पर बने अवैध निर्माण को तोड़ना जरूरी-कोर्ट

अदालत ने कहा कि नाले पर बने अवैध निर्माण को तोड़ना जरूरी है. आपसे उम्मीद है कि यह काम पूरा होगा. हमें नहीं पता कि कौन माफिया है जिसने पैसे लेकर अपार्टमेंट बेचे हैं. निर्माण की अनुमति कैसे दी गई, हमें इसकी जांच करनी होगी. अधिकारियों की जानकारी के बिना अचानक इतनी बड़ी ईमारत कैसे खड़ी हो सकती है. अदालत को बताया गया है सफाई का काम किया गया, लेकिन कुछ जगहों पर यह संतोषजनक नहीं रहा है.

अदालत ने 18 मई तक रिपोर्ट देने को कहा

अदालत ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि नाले की सफाई के लिए कुछ काम हुआ है, लेकिन अभी भी काफी काम बाकी है. सफाई का काम तेजी से पूरा किया जाए. अदालत ने इसके साथ ही वहां के निवासियों, दिल्ली नगर निगम, विशेष कार्य बल और डीडीए से संयुक्त निरीक्षण कर अपना रिपोर्ट 18 मई तक देने को कहा है.

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DDA के वकील ने दी अहम दलील

डीडीए की ओर से पेश वकील प्रभसहाय कौर ने कहा कि संयुक्त निरीक्षण किया गया था और लगभग 100 संरचनाओं में तोड़फोड़ की जानी है. कुछ क्षेत्रों में नाले के पार दिल्ली जल बोर्ड की पाइपलाइन है. तोड़ने के दौरान उसे संरक्षित करने की जरूरत है. कोर्ट ने कहा कि निरीक्षण और सीमांकन 5 मई से की जाए. यह डीजेबी का काम है कि यह पानी की पाइपलाइन को उचित तरीके से संरक्षित करे जिससे वह तोड़फोड़ के दौरान मलबा नाले में न गिरे.

कोर्ट ने दिया ये निर्देश

साथ ही तैमूर नगर नाले को लेकर कोई याचिका दाखिल की जाती है तो उसे मुख्य न्यायाधीश के आदेशों के अधीन सूचीबद्ध किया जाए. कोर्ट ने यह निर्देश मानसून व अन्य समय में राजधानी में यातायात जाम के अलावा जलभराव और वर्षां जल संचयन पर से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद दिया है.

-भारत एक्सप्रेस 


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