दिल्ली हाईकोर्ट.
दिल्ली हाई कोर्ट ने दिव्यांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) के लिए ऑनलाइन मूवी टिकट बुक करने की सुगमता के मुद्दे पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से रूपरेखा की जानकारी मांगी है. अदालत ने रूपरेखा में टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा सूचित निर्णय लेने को सुनिश्चित करने के लिए सुगमता सुविधाओं के बारे में उचित जानकारी हो. कोर्ट 8 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
जस्टिस सचिन दत्ता राहुल बजाज द्वारा ‘पुष्पा 2: द रूल’ फिल्म के संबंध में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुगमता सुविधाओं के संबंध में दायर याचिका पर विचार कर रहे थे. याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि वह सक्षम व्यक्तियों के साथ समान स्तर पर फिल्म देखने का हकदार है. उन्होंने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 42 (दो) का हवाला दिया, जो उचित सरकार को यह सुनिश्चित करने के लिए उपाय करने का आदेश देता है कि दिव्यांग व्यक्ति इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक पहुंच बनाने में सक्षम हों.
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि ऑनलाइन टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर सुगम्यता सुविधाओं वाली फिल्मों के बारे में जानकारी नहीं दी जाती, जिससे दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा सूचित निर्णय लेने में बाधा उत्पन्न होती है. उन्होंने कहा कि माइथ्री मूवी मेकर्स ने अपने ‘एक्स’ पोस्ट में संकेत दिया था कि फिल्म के निर्माता ने दृष्टि और श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए सुगम्यता सुविधाएं शुरू की हैं, लेकिन फिल्म की बहुभाषी रिलीज के बावजूद यह पहल केवल तीन भाषाओं तक ही सीमित है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रमुख टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म में से एक ‘बुकमाईशो’ में भी दिव्यांग व्यक्तियों द्वारा स्वतंत्र बुकिंग की सुविधा के लिए सुगम्यता सुविधाएं नहीं हैं. इसके बाद अदालत ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड को एक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने के लिए उठाए जा रहे कदमों को बताया जाए कि फिल्मों के प्रमाणन के समय सुगम्यता सुविधाएं विधिवत प्रकाशित की जाती हैं.
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
