डूसू चुनाव में कथित गड़बड़ियों को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने सख्ती दिखाई है. पुलिस और उम्मीदवारों को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है और मामले की सुनवाई जारी है.
कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश, नियम व दिशानिर्देशों का कथित रूप से उल्लंघन के मामले में हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस, डूसू के अध्यक्ष आर्यन मान और अन्य उम्मीदवारों को अगली सुनवाई में कोर्ट में मौजूद रहने का निर्देश दिया है.
सभी स्थापित मानदंडों का उल्लंघन कर रहे
कोर्ट 2 सितंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा. इन उम्मीदवारों पर कोर्ट के आदेशों, लिंगदोह समिति की सिफारिशों और डूसू चुनाव के दिशा निर्देशों के उल्लंघन का आरोप है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि विजय जुलूसों पर प्रतिबंध लगाने के बावजूद उसके आदेश का उल्लंघन हुआ है. कम मतदान और जारी किए गए चालानों में वृद्धि को दर्शाती है कि चुनाव व्यवस्थित तरीके से नहीं हुए. उसके संज्ञान में लाई गई सामग्री दर्शाता है कि कैसे उम्मीदवार आचरण के सभी स्थापित मानदंडों का उल्लंघन कर रहे थे.
चुनाव प्रचार के दौरान संपत्तियों को विकृत करना, अवैध रूप से पर्चे बांटना, मोटर चालित वाहनों और ट्रैक्टरों का उपयोग की अनुमति नहीं दी जा सकती क्योंकि इससे यातायात बाधित होता है और आम लोगों का जीवन कष्टमय हो जाता है.
कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया
इससे पहले कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा दाखिल हलफनामे को कोर्ट ने रिकॉर्ड पर ले लिया था. जिसमें कहा गया है कि चुनाव के दौरान कार्रवाई की गई और सात उम्मीदवारों को शो-कॉज नोटिस जारी किए गए हैं. हालांकि इन आरोपों से उम्मीदवारों ने इनकार किया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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