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Andhra Pradesh liquor scam: जांच एजेंसी ईडी ने 12 जगहों पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई को दिया अंजाम, 441 करोड़ की संपत्ति जब्त

आंध्र प्रदेश के कथित शराब घोटाले में ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए हैदराबाद और तिरुपति सहित कुल 12 स्थानों पर छापेमारी की है.

Andhra Pradesh liquor scam: आंध्र प्रदेश के कथित शराब घोटाला मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई. जांच एजेंसी ईडी ने 12 जगहों पर सर्च ऑपरेशन की कार्रवाई का अंजाम दिया. इस दौरान कई महत्वपूर्ण सबूतों, दस्तावेजो और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जब्त किया. जिन जगहों पर यह छापेमारी की गई, इनमें से हैदराबाद में 11 जगहों पर जबकि 1 तिरुपति में यह छापेमारी चल रही है. ईडी ने तिरुपति में चेविरेड्डी भास्कर रेड्डी और चेविरेड्डी मोहित रेड्डी के घरों की तलाशी ले रही है. जबकि हैदराबाद में केसिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी, डोंटिरेड्डी वासुदेव रेड्डी, वेनुम्बाका विजय साई रेड्डी, सज्जला श्रीधर रेड्डी, टल्ला अविनाश गौड़, बुनेटी चाणक्य, कलवा धनंजय रेड्डी, मुप्पीडी अविनाश रेड्डी, पेल्लाकुरु कृष्ण मोहन रेड्डी और बालाजी गोविंदप्पा के ठिकानों पर चल रही है.

इसके अलावा पीवी मिधुन रेड्डी से जुड़ी कंपनी मेसर्स एम. एस पीएलआर प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के यहां भी यह छापेमारी चल रही है. सूत्रों के मुताबिक इस छापेमारी के दौरान शराब घोटाले से संबंधित कई अहम दस्तावेज ईडी ने जब्त किया है. कुछ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य भी ईडी ने जब्त किया है.

441.63 करोड़ रुपये की संपत्ति ईडी ने की अटैच

बता दें कि हैदराबाद के जोनल ऑफिस ने अभी तक करीब 441.63 करोड़ रुपए की चल और अचल संपत्ति को अटैच किया है. जिन लोगो की संपत्तियां जब्त किया गया है. उनमें के राजशेखर रेड्डी, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी कंपनियों के अलावा बुनेटी चाणक्य, डी. वासुदेवा रेड्डी और कई अन्य लोग ओर संस्था शामिल है. जब्त की गई संपत्तियों में बैंक बैलेंस, एफडी, जमीन के प्लॉट और रियल एस्टेट प्रॉपर्टी शामिल है.

ईडी के मुताबिक 2019 से पहले आंध्र प्रदेश में शराब की खरीद और बिक्री एक बेहद पारदर्शी और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर के जरिए होती थी, जिसमें हर बोतल की डिजिटल ट्रैकिंग होती थी. लेकिन 2019 में बनी सरकार ने इस पारदर्शी सिस्टम को जानबूझकर बंद कर दिया. यह जांच आंध्र प्रदेश के प्रमुख सचिव की शिकायत के आधार पर ईडी ने जांच शुरू की थी.

एक अनुमान के मुताबिक इस घोटाले में 4000 हजार रुपए का नुकसान हुआ है. जिनमें से ईडी अब तक 1048.45 करोड़ रुपए के मनी ट्रेल का पर्दाफाश कर चुकी है.

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-भारत एक्सप्रेस



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